जालौन
जनप्रतिनिधियों में इच्छा शक्ति की कमी का दंश झेल रहे तालघार के वाशिंदे
लिड़ऊपुर लघु सेतु निर्माण न होने से दर्जनों गांव के ग्रामीण परेशान

एक वर्ष पूर्व सड़क कटान में गिरकर हो चुकी महिला की मौत, 15 दिन पूर्व गहराई पार करते मरने से बचे दंपति
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
जगम्मनपुर (जालौन)। जगमलपुर कुठौंद मार्ग पर नहर के व्यर्थ बह रहे पानी से सड़क पर हुई कटान से बनी गहरी खाई पर लघु सेतु न बनने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। माधौगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम जगम्मनपुर से लिड़ऊपुर होते हुए कुठौंद का सीधा सुविधाजनक मार्ग है इस मार्ग से आसपास के लगभग दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों का तो प्रतिदिन आना-जाना होता ही था इसके अतिरिक्त इटावा चकरनगर एवं भिंड क्षेत्र से जगम्मनपुर होकर कुठौंद जाने वाले राहगीरों का यह मुख्य मार्ग है।
बताया जाता है कि ग्राम लिड़ऊपुर से करीब 800 मीटर दूर बिलौहां शहीद स्मृति गेट के पास प्राकृतिक नाला है जिसमें नहर का पानी व्यर्थ बहता रहता है । सड़क निर्माण के समय इसमें सीमेंट ढोल दबाकर इस पर मिट्टी डालकर सड़क बना दी गई थी लेकिन पानी के तेज बहाव से सीमेंट के ढोल एवं मिट्टी पानी में बह गए और सड़क पर करीब 20-25 फुट गहरी खाई बन गई । सड़क पर बनी इस गहरी खाई में करीब एक वर्ष पूर्व कुठौंद थाना क्षेत्र की एक दलित महिला गिरकर घायल हो पानी में डूब कर मर गई थी, इसी प्रकार गत 15 दिन पूर्व कुठौंद थाना क्षेत्र के निवासी एक दंपति का भी इसमें गिरकर गंभीर रूप से घायल होने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है हादसा दिन का था अतः मौके पर मौजूद किसानों ने उन्हें रस्सा इत्यादि की मदद से निकाल लिया परिणाम स्वरुप कोई अनहोनी होने से बच गई। उक्त प्रकार के हादसे इस नाले पर आए दिन होते रहते हैं इस सड़क पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा स्थाई पुल बनवाए जाने की मांग बहुत दिनों से हो रही है लेकिन जनप्रतिनिधियों के द्वारा झूठे भाषणों में लघु सेतु के स्वीकृत होने की बात मंच से उछाली जाती रहती है जबकि सच्चाई यह है कि अभी तक इस लघु सेतु निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है।
पुल का बना तो ग्रामीण करेंगे विस चुनाव में मतदान बहिष्कार
ग्राम लिड़ऊपुर निवासी पूर्व सैनिक उपेंद्र सिंह सेंगर समाजसेवी ने बताया कि सड़क पर कटान होने से इस मुख्य मार्ग का उपयोग नहीं हो पा रहा है जिससे लगभग 30-35 गांव के लोग एवं दूरदराज से आने वाली राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि नाले पर शीघ्र लघु सेतु का निर्माण नहीं हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव में आसपास गांव के स्थानीय ग्रामीण मतदान बहिष्कार का भी निर्णय ले सकते हैं।
नाले पर आये दिन होती दुर्घटनायें
जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र पांडे ने बताया कि गत 1 वर्ष पूर्व नाले में गिरकर महिला की मृत्यु होने के हादसे से पहले ही सड़क कटान होने एवं इस प्रकार की संभावनाओं से प्रशासन को चेताया गया था लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया परिणाम स्वरूप एक महिला की मृत्यु सहित कई छुटपुट घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इतना ही नहीं उक्त स्थान पर आये दिन राहगीरों की जान जाने का खतरा मंड़राता रहता है।
नाला पर सेतु निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गयाःजेई
उक्त संदर्भ में लोक निर्माण विभाग के जेई पुष्पेंद्र सिंह से पूछने पर उन्होंने बताया कि जगम्मनपुर कुठौंद मार्ग पर ग्राम लिड़ऊपुर के समीप अति प्राचीन प्राकृतिक नाला है इसमें नहर का पानी आता है। वर्षा काल में यहां कटान होने से यह मार्ग बंद है। इस प्राचीन नाला पर लघु सेतु निर्माण हेतु एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है प्रस्ताव नाबार्ड योजनान्तर्गत मुंबई में चला गया है इसकी स्वीकृति मिलने पर टेंडर कराया जाएगा, यदि इस वित्तीय वर्ष में नाबार्ड योजना से स्वीकृति नहीं हुई तो पुनः राज्य योजना अंतर्गत लघु सेतु निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा।


