जालौन
जनसुनवाई में डीएम की संवेदनशील पहल, रामनारायण को मिला सहारा
मां का साया छिनने और पिता के त्याग के बाद मौसी के साथ रह रहे बालक की शिक्षा व भरण-पोषण की व्यवस्था के दिए निर्देश
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उरई (जालौन)। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब 6 वर्षीय रामनारायण अपनी मौसी के साथ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के समक्ष पहुंचा। नन्हे बालक ने मासूमियत से कहा कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अधिकारी बनना चाहता है। रामनारायण ने बताया कि उसकी मां का 2020 में निधन हो चुका है तथा उसके पिता ने भी उसे त्याग दिया है। वर्तमान में वह अपनी मौसी के साथ रहकर जीवन यापन कर रहा है। बच्चे की स्थिति और उसकी मौसी की उदासी ने वहां उपस्थित सभी को भावुक कर दिया। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बालक को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) से लाभान्वित कराया जाए। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि रामनारायण का प्रवेश शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत विद्यालय में कराया जाए तथा उसे किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन हर जरूरतमंद के साथ खड़ा है और बच्चों की शिक्षा व भविष्य को सुरक्षित करना प्राथमिकता है।जनसुनवाई के दौरान अन्य फरियादियों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया तथा उनके त्वरित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
युवक पर लाठी-डंडों से हमला, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
माधौगढ़ (जालौन)। रामपुरा थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर मोहल्ले में मामूली विवाद के बाद युवक पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित मजबूत सिंह के अनुसार 14 मार्च की शाम करीब 7.30 बजे उसकी गाय घर के बाहर बंधी थी, तभी पड़ोसी संजीव व उसके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए पहले रामपुरा और फिर कानपुर रेफर किया गया। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद थाना पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, बल्कि समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। दोबारा शिकायत करने पर भी सुनवाई न होने से नाराज पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके।



