बरेली

मौलाना तौकीर के मददगार का पर्दाफाश 

उपद्रव में असलहा सप्लाई लेने वाला मुदस्सिर मिर्जा गिरफ्तार

पार्षद अनीस सकलैनी के साथ झुमका तिराहे से उठाई थी खेप, वीडियो कॉल पर कन्फर्म हुई थी पहचान
                 
वही गोलियां पुलिस पर चलाई गई थी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली :  मौलाना तौकीर रजा के इशारे पर 26 सितंबर को शहर में हुए खूनी उपद्रव की परतें अब खुलती जा रही हैं। पुलिस पर फायरिंग में इस्तेमाल असलहों की सप्लाई चेन का एक और मददगार शिकंजे में आ गया है। बारादरी थाना क्षेत्र के आशीष रायल पार्क निवासी मुदस्सिर मिर्जा उर्फ गोलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि झुमका तिराहे से असलहों की खेप पार्षद अनीस सकलैनी के साथ मिलकर उठाई थी। अनीस सकलैनी पहले से जेल में बंद है। 26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने कानपुर के ‘आई लव मुहम्मद’ प्रकरण की आड़ लेकर बरेली को दंगों की आग में झोंक दिया था। उपद्रवियों ने पुलिस पर एसिड, पेट्रोल बम और ताबड़तोड़ फायरिंग की। कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हुए, दर्जनों दुकानें तहस-नहस कर दी गईं। शहर के पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज हुए। मौलाना तौकीर समेत 94 आरोपियों को जेल भेजा गया था।
फरहत के भाई इशरत का था असलहा नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि दंगे में इस्तेमाल असलहे मौलाना के करीबी फरहत के सगे भाई इशरत अली ने सप्लाई किए थे। इशरत पूरा नेटवर्क चलाता है। 19 फरवरी को पुलिस ने सोमू खान और तस्लीम को कार में भारी मात्रा में असलहों के साथ पकड़ा था। ये खेप उत्तराखंड जा रही थी। पूछताछ में दोनों ने बताया कि झुमका तिराहे पर बाइक से दो लोग आए थे। वीडियो कॉल पर इशरत से बात कराकर पहचान कन्फर्म हुई थी, तब असलहे दिए गए। सोमू-तस्लीम को नहीं पता था कि लेने वाले कौन हैं।
सीसीटीवी से बेनकाब हुए अनीस और मुदस्सिर
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो साफ हो गया कि झुमका तिराहे से खेप लेने वाले पार्षद अनीस सकलैनी और मुदस्सिर मिर्जा उर्फ गोलू थे। बारादरी पुलिस ने मुदस्सिर को दबोच लिया। उसने माना कि 26 सितंबर को पुलिस पर जो फायरिंग हुई, वह उन्हीं असलहों से हुई थी। इशरत ने बाद में दूसरे केस में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
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