बागपत

स्वास्थ्य सबसे बड़ी निधि, संस्कार शिविर से मिलेगा आदर्श जीवन का मार्ग

आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत द्वारा विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, अनुशासन और संस्कार का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत। “स्वास्थ्य ही मनुष्य की सबसे अनमोल निधि है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचार और महान व्यक्तित्व का निर्माण होता है।”इन्हीं प्रेरणादायक शब्दों के साथ आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत द्वारा जून माह में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल, बड़ौत में आयोजित होने वाले आवासीय संस्कार शिविर में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु आर्यन पब्लिक स्कूल, ककौर में स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में सभा मंत्री रवि शास्त्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, अनुशासन और आदर्श जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन की वास्तविक पूंजी धन-संपत्ति नहीं, बल्कि उसका उत्तम स्वास्थ्य है। यदि शरीर स्वस्थ है, विचार सकारात्मक हैं और दिनचर्या अनुशासित है, तो व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।
रवि शास्त्री ने विद्यार्थियों को “स्वास्थ्य के स्वर्णिम सूत्र” बताते हुए आदर्श जीवन के लिए नियमित और संतुलित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अपने विशेष “बावन सूत्र” की व्याख्या करते हुए बताया कि यह पाँच मूल आधारों पर टिका है—
ब्रह्मचर्य, आहार, व्यायाम, निद्रा और निष्ठा।
उन्होंने कहा कि—
ब्रह्मचर्य आत्मसंयम और चरित्र निर्माण की नींव है,
आहार शरीर को ऊर्जा और संतुलन देता है,
व्यायाम शरीर को सशक्त बनाता है,
निद्रा मानसिक और शारीरिक पुनर्निर्माण का आधार है,
और निष्ठा व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित बनाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित दिनचर्या केवल स्वास्थ्य ही नहीं देती, बल्कि व्यक्ति को महान, अनुकरणीय और समाज के लिए उपयोगी भी बनाती है।
संस्कार शिविर का उद्देश्य
आगामी आवासीय संस्कार शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, शारीरिक दक्षता और आत्मरक्षा कौशल का विकास करना है। शिविर में बच्चों को—
योग एवं प्राणायाम
प्राचीन युद्ध कौशल
तलवार, भाला, फरसा संचालन की पारंपरिक कला
अनुशासित एवं आदर्श जीवनशैली
का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे शारीरिक, मानसिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बन सकें।
सभा के पदाधिकारियों द्वारा इस शिविर के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न शिक्षण संस्थानों में व्यापक जनसंपर्क अभियान भी चलाया गया, जिसके अंतर्गत सीताराम शरणम् आदर्श विद्यालय, बदरखा, एमडी पब्लिक स्कूल, आदर्श नगला, हलालपुर, शबगा सहित अनेक विद्यालयों में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को शिविर के उद्देश्यों से अवगत कराया गया।
उपस्थित गणमान्यजन
इस अवसर पर अनेक शिक्षाविद एवं समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
प्रबंधक सुनील आर्य, मास्टर रणवीर सरोहा, धर्मपाल त्यागी, कपिल आर्य, प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार, मास्टर योगेंद्र सिंह, आस्था सरोहा तथा नरेंद्र आर्य शामिल रहे।
यह कार्यशाला केवल स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कार, अनुशासन, आत्मबल और भारतीय परंपराओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध हुई। आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत का यह अभियान विद्यार्थियों को स्वस्थ, संस्कारी और राष्ट्रहितैषी नागरिक बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है।
“स्वस्थ तन, संस्कारित मन और अनुशासित जीवन ही उज्ज्वल भविष्य की पहचान है।”
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