जालौन

जालौन कोतवाली पुलिस की एक पक्षीय कार्यवाही, ठिकाने कैफे मामले में दूसरा पक्ष आया सामने 

वायरल वीडियो मार खाते दिख रहा पीड़ित प्रांजल गुप्ता

ऑडियो रिकॉर्डिंग में पीड़ित प्रांजल गुप्ता के पिता को धमाका रहे कैफे संचालक पुनीत मुदगिल 
युवकों के परिजनों ने कहा हमारे बच्चों को पीटा गया, अब दी जा रही जान से मारने की धमकी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जालौन (उरई)। नगर के चर्चित ठिकाना कैफे प्रकरण ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मामले में एक ओर जहां देवेंद्र कुमार दीक्षित ने थाना जालौन में प्रार्थना पत्र देकर अपने परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर युवकों के परिजनों ने भी मारपीट, धमकी और दबंगई के गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का कहना है कि कैफे में उनके लड़कों के साथ मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और वायरल वीडियो में प्रार्थी के बेटे को बेरहमी से पीटते दिख रहे है युवक । आरोप है कि घटना के बाद लगातार फोन कर परिवारों को धमकियां दी जा रही हैं कि यदि पुलिस या प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया गया तो जान से मार दिया जाएगा। इन धमकियों से परिवारों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। युवकों के अभिभावकों का आरोप है कि उनके लड़कों ने कैफे में कुछ आपत्तिजनक गतिविधियां देखीं और इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। उनका कहना है कि कैफे संचालक पुनीत मुद्गल ने युवकों के साथ मारपीट की, जबकि तोड़फोड़ का आरोप झूठा लगाकर पीड़ितों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिया गया। बताया गया है कि पुनीत मुद्गल द्वारा पूर्व में कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया गया था जिसकी जांच के बाद जालौन कोतवाल द्वारा चार लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई गई थी। अब इस मामले में द्वितीय पक्ष का आरोप है कि यह कार्रवाई एकतरफा है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। मामले को लेकर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच लोगों की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर सच क्या है और कार्रवाई किस पर होती है।
जालौन पुलिस की भूमिका संदिग्ध
मामला का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें कैफे के अन्दर कई युवक पीड़ित को मारते दिख रहे है । इसके बावजूद पुलिस ने पीड़ित के ही खिलाफ में मुकदमा लिख दिया । लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि पुलिस ने मुकदमा लिखने से पहले क्या जांच नहीं करी कि कौन मार खाया है या इसके पीछे किसी मोगेंबो का हाथ है । क्या पुलिस ने वायरल वीडियो नहीं देखा।
ऑडियो रिकॉर्डिंग में पीड़ित के पिता को धमकी दे रहे
सोशल मीडिया पर इसी प्रकरण से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो रही है जिसमें पीड़ित के पिता को मामले से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है और यह भी कहा जा रहा है कि कैफे में काम करने वाली लड़की से आरोप लगवा देंगे और झूठा फसवा देंगे । इसके बाबजूद पुलिस ने पीड़ित के ही खिलाफ अभियोग दर्ज कर दिया , जो पुलिस की एक पक्षीय कार्यवाही को दर्शाता है । पूर्व में इसी ही सुर्खियां बटोर चुकी जालौन कोतवाली पुलिस क्या पीड़ित की रक्षा कर सकेगी?
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