
कोलकाता । पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बंगाल पुलिस ने हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट से जुड़े करीब 200 मामले दर्ज किए हैं। इसी के साथ पुलिस ने 433 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बुधवार रात भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीएसओ चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनकी कार का पीछा करने के बाद दोहारिया इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां चंद्रनाथ के सिर में लगीं।
गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं।
भाजपा ने चंद्रनाथ रथ की हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है। हमलावरों ने उनकी कार का पीछा करने के बाद दोहारिया इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां चंद्रनाथ के सिर में लगीं। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा में और दो लोगों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट से जुड़े मामलों में करीब 200 केस दर्ज किए हैं, जबकि 433 लोगों को गिरफ्तार किया है। 1,100 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने हिंसा भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हिंसा करने वालों की हो तुरंत गिरफ्तारी : सीईसी ज्ञानेश कुमार ने हिंसा एवं तोड़फोड़ करने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। सीईसी ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सुरक्षा बलों के डीजी, सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को निरंतर गश्त पर रहने के आदेश दिए।



