बागपत

श्रद्धेय मां शांति देवी की पावन स्मृति में: 95 वर्षों का प्रेरणादायक जीवन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। 9 जून 2021… वह दिन जब हमारे परिवार की सबसे मजबूत नींव, ममता की सबसे विशाल छांव और आशीर्वाद का सबसे बड़ा आकाश हमसे दूर हो गया। 95 वर्ष की आयु में मां शांति देवी का इस संसार से विदा होना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि एक युग का अंत था।
मां शांति देवी ने लगभग एक शताब्दी का जीवन जिया—ऐसा जीवन, जो संघर्ष, अनुभव, संस्कार, त्याग और परिवार के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत मिसाल रहा। उन्होंने अपने जीवन के हर पड़ाव पर परिवार को जोड़ा, संभाला और प्रेम की उस डोर में बांधे रखा, जिसकी मजबूती आज भी महसूस होती है।
95 वर्षों की जीवन यात्रा: संघर्ष, संस्कार और सम्मान की कहानी
मां शांति देवी ने अपने जीवन में समय के अनेक रंग देखे—परिस्थितियों के उतार-चढ़ाव, परिवार की जिम्मेदारियां, सामाजिक बदलाव और पीढ़ियों का बदलता दौर। लेकिन हर दौर में उन्होंने धैर्य, साहस और सादगी के साथ जीवन जिया।
उन्होंने केवल अपने बच्चों को ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी संस्कार, अनुशासन और परिवार की एकता का महत्व सिखाया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण था कि मां केवल घर नहीं संभालती, वह पूरे परिवार की आत्मा होती है।
ममता की वह मिसाल, जो पीढ़ियों तक याद रहेगी
उनकी गोद में बच्चों ने सुरक्षा महसूस की, उनकी बातों में अनुभव मिला और उनके आशीर्वाद में जीवन की दिशा। उन्होंने अपने परिवार के सुख के लिए हर कठिनाई को सहजता से स्वीकार किया। उनके चेहरे की झुर्रियों में संघर्ष की कहानी थी, लेकिन आंखों में हमेशा अपनों के लिए दुआएं थीं।
एक युग का अंत, लेकिन प्रेरणा अमर है
95 वर्ष की उम्र में उन्होंने जीवन की लंबी यात्रा पूरी की, लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार और आदर्श आज भी परिवार की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनका जाना शारीरिक दूरी हो सकती है, पर उनकी उपस्थिति आज भी हर निर्णय, हर संस्कार और हर पारिवारिक परंपरा में जीवित है।
मां कभी नहीं जाती…
मां शांति देवी आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनका स्नेह और उनका आशीर्वाद आज भी परिवार के चारों ओर सुरक्षा कवच की तरह है। घर के हर कोने में उनकी मौजूदगी महसूस होती है।
उनके चरणों में श्रद्धासुमन
मां का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची महानता सादगी, त्याग और प्रेम में होती है। शांति देवी ने अपने 95 वर्षों के जीवन से यही संदेश दिया कि परिवार ही सबसे बड़ी पूंजी है।
“95 वर्षों तक आपने केवल जीवन नहीं जिया…
आपने पीढ़ियों को संस्कार दिए,
परिवार को प्रेम दिया,
और अपनों को वह आशीर्वाद दिया,
जो आज भी हमारी सबसे बड़ी ताकत है…”
भावभीनी श्रद्धांजलि
स्वर्गीय मां शांति देवी
आयु: 95 वर्ष
स्वर्गवास: 9 जून 2021
आपकी ममता, आपके संस्कार और आपका आशीर्वाद हमारे जीवन में सदैव अमर रहेंगे।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button