जालौन

 विकास कार्यों में लापरवाही पर तय की जाएगी जवाब देही, डीएम ने कई अधिकारियों का वेतन रोका

 विकास कार्यों की समीक्षा में सख्त निर्देश जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई(जालौन)-जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में सीएम डैशबोर्ड एवं विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा बैठक की गई, जिसमें विभागवार योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें।जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित बिंदुओं का नियमित अनुश्रवण करते हुए सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में निर्माण कार्यों की प्रगति लक्ष्य के अनुरूप न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।फैमिली आईडी निर्माण की समीक्षा में जनपद को प्राप्त 70 हजार लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 52 हजार फैमिली आईडी बनाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। प्रगति अत्यंत धीमी पाए जाने पर समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, दिव्यांगजन अधिकारी, श्रम परिवर्तन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप कृषि निदेशक एवं डीसी मनरेगा सहित संबंधित अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए निर्देशित किया कि एक माह के भीतर लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।पंचायतीराज विभाग द्वारा व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी का भी एक दिन का वेतन रोकते हुए निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा किया जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को कनेक्शन उपलब्ध कराने की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए अभियान मोड में कार्य करने और अधिकाधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, कृषि, पशुधन, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, उद्योग, श्रम एवं सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य के अंतर्गत जिला घरेलू उत्पाद की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि, विनिर्माण, सेवा एवं आधारभूत संरचना क्षेत्रों में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा जुलाई 2025 से प्रत्येक जनपद में पीएलएफएस (PLFS) एवं एएसयूएसई (ASUSE) सर्वेक्षण कराए जा रहे हैं, जिससे असंगठित क्षेत्र एवं श्रमबल से संबंधित आंकड़ों के आधार पर विकास की नई रणनीति तैयार की जा सके।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिन्कू सिंह रही, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, डीएसटीओ नीरज चौधरी आदि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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