आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार से प्रभावी राष्ट्रीय व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि देश के करोड़ों छात्र-छात्राएं, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षार्थी वर्षों की मेहनत, आर्थिक निवेश और मानसिक संघर्ष के बाद विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक, परीक्षा धांधली और भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार जैसी घटनाएं उनके भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती हैं। कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में कई भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने तथा परीक्षाओं के निरस्त होने से लाखों युवाओं का समय और भविष्य प्रभावित हुआ है। इससे परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की शुचिता किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की मेरिट आधारित व्यवस्था की आधारशिला है। ज्ञापन में मांग की गई कि देश की सभी प्रमुख प्रतियोगी, भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं की निगरानी के लिए स्वतंत्र एवं संवैधानिक दर्जा प्राप्त राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा आयोग का गठन किया जाए। पेपर लीक और संगठित नकल को राष्ट्रव्यापी संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल कर कठोर दंड का प्रावधान किया जाए। इसके अलावा प्रत्येक पेपर लीक मामले की समयबद्ध न्यायिक या स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा परीक्षा निरस्त होने की स्थिति में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट और आर्थिक क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव विनोद कुमार गौतम, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंकित कश्यप, जिला महासचिव यूनिस उर्फ भूरा, जिला सचिव मौ. शादाब, मुकेश कुमार मौजूद रहे।


