जालौन

जनगणना कार्य पूरा, फिर भी 41 शिक्षकों का वेतन अब तक अवरुद्ध

जीपीएफ भुगतान भी अटका, बीएसए की कार्यशैली पर उठे सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। जनगणना के कार्य में लापरवाही करने वाले 41 शिक्षकों के तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जालौन द्वारा शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध कर दिया गया था। बाद में संबंधित शिक्षकों ने जनगणना का कार्य पूर्ण कर दिया, लेकिन इसके बावजूद आज तक उनके वेतन की बहाली नहीं हो सकी है। जून माह का वेतन जारी होने पर शिक्षकों को पता चला कि उनका वेतन अब भी रोका हुआ है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। जब उक्त संबंध में बीएसए से जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि अगले माह 41 शिक्षकों का वेतन बहाल कर दिया जायेगा इस बार आॅनलाइन व्यवस्था में गड़बड़ी होने से यह संभव नहीं हो पाया। वहीं जीपीएफ भुगतान के बारे में बताया कि जल्द ही दोनों शिक्षकों के जीपीएफ का भुगतान कराया जायेगा।
लंबे समय से वेतन अवरुद्ध होने पर शिक्षकों का कहना है कि जब जनगणना का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है, तब भी वेतन बहाल न किया जाना समझ से परे है। इससे प्रभावित शिक्षकों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इधर वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान संबंधी मामलों में भी अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यूपीएस बम्हौरी में तैनात शिक्षक राजीव श्रीवास्तव ने जीपीएफ आहरण के लिए आवेदन किया था। वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर फाइल अनुमोदन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई, लेकिन हफ्ता भर  बीत जाने के बाद भी फाइल उनके कार्यालय में लंबित पड़ी है। स्थिति इससे भी अधिक गंभीर तब दिखाई देती है जब दिवंगत शिक्षक संतोष शुक्ला के जीपीएफ भुगतान का मामला भी अब तक लंबित बताया जा रहा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि वेतन बहाली और जीपीएफ भुगतान जैसे मामलों में अनावश्यक देरी से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। आखिर जनगणना कार्य पूर्ण होने के बाद भी वेतन बहाल क्यों नहीं किया जा रहा और जीपीएफ भुगतान की फाइलें क्यों अटकी हुई हैं? इन सवालों का जवाब विभागीय अधिकारियों को देना होगा। फिलहाल, वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली को लेकर शिक्षक समुदाय में असंतोष बढ़ता जा रहा है। वेतन बहाली और लंबित जीपीएफ प्रकरणों के निस्तारण में हो रही देरी के पीछे क्या कारण हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल बीएसए ने दोनों प्रकरणों में भुगतान जल्द कराये जाने की बात कही है।
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