जालौन
शटडाउन के बीच चालू हुई बिजली, झटका लगने से लाइनमैन सड़क पर गिरा
दो दिन की अघोषित कटौती से अंधेरे में डूबा जालौन, बड़ा हादसा टला
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जालौन। नगर की विद्युत व्यवस्था पिछले दो दिनों से पूरी तरह चरमरा गई है। लगातार अघोषित बिजली कटौती से सहावनाका, तोपखाना, बैठगंज सहित कई मोहल्लों के लोग भीषण गर्मी और उमस में परेशान रहे। घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को बिना पंखे और कूलर के रात गुजारनी पड़ी, जिससे विद्युत विभाग के प्रति लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता (जेई) से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। कई उपभोक्ता देर रात तक उपखंड कार्यालय पहुंचकर शिकायत करते रहे, पर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सोमवार रात समाजवादी पार्टी के नेता मनसब खान के आवास के सामने बिजली का तार सड़क पर गिर गया। सूचना मिलने पर विभाग की टीम मरम्मत के लिए पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लाइनमैन सोनू ने एसएसओ से शटडाउन लेने के बाद कार्य शुरू किया, लेकिन इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति चालू हो गई। कर्मचारी को झटका महसूस हुआ, जिससे उसने तार छोड़ दिया और उछलकर सड़क पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शटडाउन प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों के बीच विवाद होने की भी चर्चा रही, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
मौके पर मौजूद शुभम अग्रवाल, राजा विष्णोई, नानू श्रीवास्तव, सत्यम सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले दो दिनों से नगर की बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल बनी हुई है और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इस संबंध में अवर अभियंता नवीन कनौजिया ने बताया कि सप्लाई चालू होने के बाद कर्मचारी को हल्का झटका महसूस हुआ, जिससे उसने तार छोड़ दिया और उछलकर सड़क पर गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल सीएचसी जालौन में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि कर्मचारी की हालत अब सामान्य है। जेई के अनुसार करंट लगने की आशंका थी, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। नगरवासियों ने मांग की है कि बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए तथा शटडाउन प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
