
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
चौसाना। क्षेत्र के जिजौला गांव का करीब 25 बीघा क्षेत्रफल वाला तालाब अतिक्रमण की भेंट चढ़कर अब महज 10 बीघा तक सिमट गया है। हालत यह है कि हल्की बारिश में ही तालाब ओवरफ्लो हो जाता है और पानी आसपास के किसानों के खेतों में भरने लगता है। इससे फसलों को नुकसान होने के साथ किसानों की परेशानी भी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने तालाब से अतिक्रमण हटाकर उसका सौंदर्यीकरण कराने की मांग प्रशासन से की है।
किसान जमशेद,मोमिन, भूरा, साबिर,आशिफ,हाजी तुफैल,आमिर हसन,कामिल,शराफत, फरमान, आदि का कहना है कि तालाब का अधिकांश हिस्सा कब्जे की चपेट में आ गया है, जिससे उसकी जलधारण क्षमता काफी कम हो गई है। बरसात के दौरान तालाब का पानी किनारों से बाहर निकलकर खेतों में फैल जाता है। इससे फसलों को नुकसान होने के साथ खेती का कार्य भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब को उसके मूल स्वरूप में विकसित किया जाए तो जलभराव की समस्या समाप्त होने के साथ भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले तालाब का सौंदर्यीकरण कराया गया था। वर्तमान में कुछ लोगों ने तालाब की भूमि पर कब्जा कर रखा है। इस संबंध में लेखपाल से वार्ता हो चुकी है। जल्द ही अतिक्रमण हटवाकर तालाब का दोबारा सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, जिससे बरसात का पानी किसानों के खेतों में जाने की समस्या का समाधान हो सकेगा।
