कलेक्ट्रेट एनआईसी में वेबकास्ट के माध्यम से कार्यशाला, जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के अवसर पर गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में वेबकास्ट एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पोषण पाठशाला तथा आयुष्मान भारत योजना विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्तनपान के महत्व और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि आज भी समाज में स्तनपान को लेकर पर्याप्त जागरूकता का अभाव है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के अनुसार प्रत्येक 100 शिशुओं में से केवल 43 बच्चों को ही समय पर मां का दूध मिल पाता है, जबकि जन्म के तुरंत बाद मां का दूध प्रत्येक नवजात का अधिकार है।
विशेषज्ञों ने बताया कि जन्म के आधे घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराने से नवजात को कोलोस्ट्रम (पहला गाढ़ा पीला दूध) प्राप्त होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मां के दूध में लगभग 88 प्रतिशत पानी, 4 प्रतिशत वसा, 7 प्रतिशत लैक्टोज और 1 प्रतिशत प्रोटीन सहित सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसलिए जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए तथा इस दौरान शहद, घुट्टी या पानी जैसी कोई अन्य चीज नहीं देनी चाहिए।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि दस्त जैसी स्थिति में भी मां का दूध शिशु के लिए लाभदायक होता है। छह माह बाद पूरक आहार शुरू करने के साथ-साथ कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखने से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है और कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी आलोक यादव ने आईसीडीएस विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र की गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विश्व स्तनपान सप्ताह के उद्देश्य और स्तनपान के लाभों के बारे में जागरूक करें, ताकि प्रत्येक नवजात को जीवन की बेहतर शुरुआत मिल सके।
कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी बृजेन्द्र शुक्ल, जिला कार्यक्रम अधिकारी यामिनी रंजन, बाल विकास परियोजना अधिकारी कैराना अर्चना सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी ऊन बाबर खान, ममता खोखर, मुख्य सेविकाएं तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।

