फिर विवादों में स्वरा भास्कर
नई दिल्ली । अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने एक इंटरव्यू में राम जन्मभूमि फैसले पर अपनी राय रखी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस फैसले से वह नाखुश थीं। एक्ट्रेस का यह वीडियो वायरल होते ही यूजर्स उनका जमकर विरोध कर रहे हैं। जानें क्या है पूरा मामला?
साल 2019 में लिए गए राम जन्मभूमि के एतिहासिक फैसले की चर्चा आए दिन सुखिंर्यों में रहती है। इस फैसले पर अब बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अपने भाव व्यक्त किये हैं। एक्ट्रेस ने बताया कि इस फैसले के बाद उन्होंने अपने कई मुस्लिम दोस्तों से माफी मांगी। अभिनेत्री स्वरा भास्कर हाल ही में मिड नाइट नाम के एक पॉडकास्ट पर पहुंची थीं। इस दौरान 2019 में हुए राम जन्मभूमि फैसले पर उन्होंने कहा, ह्ययह फैसला आने के बाद मैं बहुत दुखी थी। मैंने शाहरुख से लेकर सलमान सर तक अपने सभी मुसलमान दोस्तों को फोन किया और कहा कि एक हिंदू होने के नाते, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मुझे बहुत खेद है, मुझे बहुत शर्म आ रही है और मैं इससे सहमत नहीं हूं। मैं इस फैसले से काफी अपसेट थी।
स्वरा भास्कर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। राम जन्मभूमि पर इस वीडियों में दिए गए बयान के लिए कई यूजर्स उन्हें जमकर खरी खोटी सुना रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा, स्वरा भास्कर राम मंदिर के फैसले से नाराज थीं। कभी-कभी मुझे सच में उनके लिए बुरा लगता है, वह दिन-रात बॉलीवुड की तारीफ करती रहती हैं, काम पाने की उम्मीद में, लेकिन किसी से किसी तरह का काम कभी नहीं मिलता।’
वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, स्वरा को राम जन्मभूमि के फैसले पर दुख हुआ। हमें भी स्वरा के लिए दुख है। उन्होंने अदालत का आदेश देखा। हमने राम को देखा। केवल पुण्यात्माएं ही उन्हें देख सकती हैं।
एक अन्य यूजर ने लिखा, उन्हें राम मंदिर और उस पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शर्म आती है इसलिए उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के सभी खानों से सहानुभूति पाने की कोशिश की। लेकिन क्या उन्होंने उनसे सहानुभूति मांगी? वह खुद को बहुत महान महिला समझती हैं। उन्हें एनआरसी, सीएए या बीएनएसएस के बारे में कुछ नहीं पता और फिर भी बड़ी-बड़ी बातें करती हैं। क्या आपने कभी किसी गैर-हिंदू को, चाहे उसकी शादी किसी हिंदू से हुई हो या नहीं, यह कहते सुना है कि उसे यहां-वहां मस्जिद के निर्माण पर शर्म आती है?’
कई साल से राम जन्म भूमि पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय में काफी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।
9 नवंबर, 2019 को, सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मति से विवादित भूमि को राम मंदिर के निर्माण के लिए आवंटित कर दिया।
न्यायालय ने सरकार को सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
इस फैसले से लंबे समय से चले आ रहे स्वामित्व विवाद का कानूनी अंत हो गया।



