जामताड़ा

श्यामपुर-बिरगांव रोड निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अधूरा सड़क बना बारिश में मुसीबत का सबब

Villagers got angry due to the contractor's negligence in the construction of Shyampur-Birgaon road, the incomplete road became a cause of trouble in the rain

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
जामताड़ा। जिले के पंजानिया पंचायत अन्तर्गत श्यामपुर- बिरगांव सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे बरसात के मौसम में आमजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण सनाउल अंसारी ने बताया, “काफी संघर्ष और प्रयास के बाद क्षेत्रीय विधायक एवं झारखण्ड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने श्यामपुर को सड़क की सौगात दी थी। निर्माण कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण बेहद घटिया गुणवत्ता से काम किया जा रहा था। जब ग्रामीणों ने विरोध किया, तो ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया और तब से अब तक सड़क अधूरी पड़ी है। मस्जिद अंसारी ने कहा कि श्यामपुर, बिरगांव, पंजानिया और दूर-दराज इलाकों से बच्चे हाई स्कूल पढ़ने के लिए आते हैं। सड़क की हालत जर्जर है, जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा है। बच्चों को स्कूल जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ठेकेदार की लापरवाही बर्दाश्त से बाहर है। हम मांग करते हैं कि उसकी ठेका आईडी रद्द की जाए और नए सिरे से सही निर्माण कार्य कराया जाए। मिनहाज अंसारी ने कहा, “काम जब घटिया होगा तो ग्रामीण विरोध तो करेंगे ही। इसमें मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का कोई दोष नहीं है। उन्होंने क्षेत्र को सड़क दी, लेकिन निर्माण कार्य की निगरानी विभाग और ठेकेदार की जिम्मेदारी है।” ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब नीचे की मिट्टी पर सीधे पिच डालने जैसी गंभीर अनियमितता की जा रही थी। सड़क की मोटाई और चौड़ाई भी मानक से कम थी। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर भाग गया। तब से लेकर अब तक यह सड़क अधूरी और खतरनाक स्थिति में है। इन अधिकारियों से ग्रामीणों को जवाब की उम्मीद: पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, जामताड़ा अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), जामताड़ा पंचायत सचिव, पंजानिया जिला अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वे तत्काल स्थल पर निरीक्षण करे, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करें और सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराएं। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने बड़ा आन्दोलन करने की चेतावनी दी है।

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