बागपत

बदलते मौसम में बच्चों की देखभाल कैसे करें?

डॉ. जितेन्द्र मलिक, नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

बड़ौत/बागपत

बदलते मौसम का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) वयस्कों की तुलना में अधिक संवेदनशील होता है। बारिश, ठंड या गर्मी के मौसम के अचानक बदलने से बच्चों को जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त, खांसी, गला खराब, त्वचा संबंधी समस्याएं आदि होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।


 सामान्य समस्याएं जो मौसम बदलते समय बच्चों में पाई जाती हैं:

  1. सर्दी-खांसी और बुखार
  2. गले में खराश और टॉन्सिल
  3. उल्टी और दस्त (वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस)
  4. त्वचा में रैशेज या एलर्जी
  5. अस्थमा या एलर्जिक रिएक्शन (खासकर धूल, परागकण आदि से)

 बच्चों की देखभाल के लिए जरूरी सुझाव:

1. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें

  • बच्चे के हाथ बार-बार साबुन से धुलवाएं।
  • गंदे कपड़े, खिलौने और बोतलें साफ रखें।
  • यदि बच्चा स्कूल जाता है, तो उसे टिशू या रूमाल जरूर दें।

2. पानी उबालकर पिलाएं

  • बरसात या गर्मी के मौसम में दूषित पानी से संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है।
  • बच्चों को उबला हुआ, ठंडा किया हुआ या फिल्टर्ड पानी ही पिलाएं।

3. संतुलित आहार दें

  • ताजे फल, हरी सब्जियाँ, दालें, और दूध दें जिससे इम्यूनिटी मजबूत हो।
  • तले-भुने या बाहर के भोजन से परहेज़ करें।

4. मौसम अनुसार कपड़े पहनाएं

  • मौसम के अनुसार न तो बहुत गर्म कपड़े पहनाएं और न ही बहुत हल्के।
  • बुखार या सर्दी-खांसी होने पर बच्चे को ढंककर रखें।

5. उल्टी-दस्त होने पर क्या करें?

  • ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) पिलाएं।
  • बार-बार पानी, नारियल पानी, छाछ या हलका दाल का पानी दें।
  • डॉक्टर से संपर्क करें यदि बच्चा सुस्त हो या पेशाब कम करने लगे।

6. बुखार होने पर क्या करें?

  • बच्चे के शरीर को गीले कपड़े से पोछें।
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए पैरासिटामोल सिरप दें।
  • किसी भी दवा को बिना परामर्श के न दें।

7. खांसी-जुकाम में क्या करें?

  • भाप दिलाना लाभदायक हो सकता है।
  • गर्म सूप, अदरक-तुलसी वाला पानी दें (बड़े बच्चों को)।
  • डॉक्टर की सलाह से सिरप दें।

 कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?

  • बच्चा बार-बार उल्टी कर रहा हो।
  • दस्त के साथ सुस्ती या बेहोशी आ रही हो।
  • तेज बुखार 102°F से अधिक हो और 2 दिन से न उतरे।
  • सांस लेने में कठिनाई हो या बच्चा सीने से आवाज करे।
  • बच्चा दूध या पानी लेने से भी इंकार कर दे।

बच्चों की देखभाल में सतर्कता ही सुरक्षा है। मौसम बदलते ही साफ-सफाई, उचित खान-पान और समय पर चिकित्सकीय सलाह से आप अपने बच्चे को स्वस्थ रख सकते हैं। किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता होने पर तुरंत नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

 परिचय:
डॉ. जितेन्द्र मलिक (MBBS, DCH – गोल्ड मेडलिस्ट)
नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ
पूर्व चिकित्सक – सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली
पूर्व चिकित्साधिकारी – मेरठ, उत्तर प्रदेश

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button