
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। विदेश यात्रा के बाद वृंदावन लौटे भागवत प्रवक्ता अनिरुद्धाचार्य महाराज ने उनके खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर सफाई देते हुए कहा कि आज के समय में सिर्फ संतों का ही विरोध हो रहा है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि माना की मैंने गांव देहात की भाषा में स्पष्ट रूप से लिविंग जैसे संबंध के बारे में बोला, लेकिन पूज्य प्रेमानंद महाराज ने भी वही बात बड़े ही सादगी भरे लफ्जों में कहीं, लेकिन उसके बावजूद भी उनका विरोध हुआ। लोग कहते हैं कि मेरे शब्द सही नहीं थे। यदि प्रेमानंद महाराज के शब्द सही थे, तो उनका विरोध क्यों हुआ। उन्होंने बताया कि आज के समय में सनातन का प्रचार-प्रसार करने वाले साधु-संत और भगवताचार्यों को टारगेट करते हुए उनको बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। कुछ महिलाएं कह रही हैं कि व्यास पीठ से जो शब्द उन्होंने बोले वह सही नहीं हैं। सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि प्रश्नोत्तरी के कार्यक्रम में इस बात को बोला गया है। उसका व्यास पीठ से कोई भी लेना-देना नहीं है, क्योंकि प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम एक अलग कार्यक्रम है, जिसमें भक्त अपने प्रश्न पूछते हैं और हम उनके उत्तर देते हैं। वहीं उन्होंने कानूनी कार्रवाई को लेकर कहा कि कोर्ट का रास्ता सभी के लिए खुला हुआ है। यदि वह लोग कोर्ट जा सकते हैं, तो हम भी कोर्ट में अपनी बात रखेंगे। उन्होंने विदेश यात्रा को लेकर कहा कि भारत जैसी भूमि कहीं और नहीं है, जो सुकून भारत की भूमि पर है वह कहीं और नहीं है।



