मथुरा

ध्रुवघाट विद्युत शवदाह गृह का परीक्षण, चार शवों का हुआ अंतिम संस्कार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। ध्रुवघाट पर एमवीडीए की ओर से नवनिर्मित विद्युत शवदाह गृह का सफल परीक्षण किया गया। एमवीडीए की तकनीकी टीम ने परीक्षण के तौर पर गैस और बिजली से संचालित भट्ठियों पर चार शवों का अंतिम संस्कार कराया। प्रत्येक शवदाह में लगभग 45 मिनट से एक घंटे का समय लगा। सफल परीक्षण के बाद इसका संचालन भी शुरू हो गया है। शासन ने वर्ष 1990 से 1996 के बीच विद्युत शवदाह गृह भवन का निर्माण प्रारंभ हुआ था, लेकिन पूर्ण धनराशि न मिल पाने के कारण यह कार्य उसी समय बंद हो गया। अब यह परियोजना लगभग 24 वर्षों बाद पूरी हुई है। 1675 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित इस परियोजना में 669 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया, 159 वर्ग मीटर बेसमेंट, 510 वर्ग मीटर भूतल पर पूर्व निर्मित श्मशान भवन, 51 वर्ग मीटर नगर निगम पंप हाउस और 738 वर्ग मीटर पार्किंग है। करीब 3.25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विद्युत शवदाह गृह परियोजना में सिविल कार्य पर 191.99 लाख रुपये खर्च हुए हैं। पूरी तरह से तैयार होने के बाद शनिवार को परीक्षण के दौरान ध्रुवघाट संचालन समिति के संरक्षक गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, उमेश अग्रवाल, धनेश मित्तल, महेश अग्रवाल, एमवीडीए के अवर अभियंता विमल कोहली सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संरक्षक गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है। समिति ने विद्युत शवदाह गृह के संचालन के लिए महेश अग्रवाल को संयोजक नियुक्त किया है।
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