बागपत

हिंदी राजभाषा के प्रचार-प्रसार में नराकास बागपत की उपलब्धि, गृह मंत्रालय से मिलेगा सम्मान

नराकास बागपत के हिन्दी सेतु एप और कालिंदी धारा पत्रिका जैसे नवाचारी कार्यों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

बागपत  – हिंदी राजभाषा के प्रचार-प्रसार और केंद्र सरकार के कार्यालयों में इसके कार्यान्वयन में जनपद बागपत की नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए समिति को गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए “प्रशंसनीय” श्रेणी में पुरस्कार दिया जाएगा।देश में राजभाषा नीति के तहत सभी सरकारी कार्यालयों, बैंकों और उपक्रमों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकास) का गठन किया गया है। इन समितियों का उद्देश्य न केवल हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना है, बल्कि राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के मार्ग में आने वाली कठिनाइयों को भी दूर करना है। बागपत में केनरा बैंक द्वारा संयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने पिछले वर्षों में इस दिशा में निरंतर और समन्वित प्रयास किए हैं। समिति द्वारा अर्द्धवार्षिक समीक्षा बैठकें, उपसमितियों का गठन, “कालिंदी धारा” पत्रिका का प्रकाशन, और हिंदी राजभाषा को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों ने सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के बीच हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में समिति ने “हिंदी सेतु” ऐप लॉन्च किया। इस ऐप के माध्यम से हिंदी से जुड़े सभी संसाधनों और जानकारियों को एकीकृत रूप में उपलब्ध कराया गया है। राज्य युवा पुरस्कार से सम्मानित युवा अमन कुमार द्वारा विकसित ‘हिंदी सेतु’ ऐप के माध्यम से हिंदी से जुड़े महत्वपूर्ण संसाधनों तक हजारों लोगों की पहुंच आसान हुई है।समिति के अध्यक्ष मिन्हाजुल कमर ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि नराकास की यह उपलब्धि हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान हमें हिंदी राजभाषा के प्रचार-प्रसार में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।समिति के सचिव एवं केनरा बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक राजभाषा अभय नाथ मिश्र ने कहा कि यह पुरस्कार समिति के सदस्य कार्यालयों के सहयोग का परिणाम है एवं निश्चित ही आगे भी समिति राजभाषा नीति की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

यह पुरस्कार 14-15 सितंबर 2025 को महात्मा मंदिर कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर, गांधीनगर, गुजरात में आयोजित सम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाएगा।
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