भरत पुर
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीधी भर्ती-2025
शादीशुदा होने के आधार पर नियुक्ति रोकने का मामला पहुँचा हाई कोर्ट
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर । राजस्थान हाई कोर्ट में ‘आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीधी भर्ती-2025’ में हुई अनियमितताओं से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए इस भर्ती के तहत की जा रही सभी नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन (Subject to final decision) रखने का आदेश जारी किया है।
क्या है मुख्य विवाद?
याचिकाकर्ता: भरतपुर जिले की ग्राम पंचायत कमालपुरा की मूल निवासी बबली देवी ने यह याचिका दायर की है।
अधिवक्ता: याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट तिलक जांगिड़ ने हाई कोर्ट में पैरवी की।भेदभाव का आरोप: याचिकाकर्ता बबली देवी ने ग्राम पंचायत कमालपुरा की वरीयता सूची (Merit List) में पहला स्थान हासिल किया था और वे सर्वाधिक योग्य उम्मीदवार हैं। इसके बावजूद, केवल शादीशुदा होने का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति देने से इनकार किया जा रहा है।
मौलिक अधिकारों का उल्लंघन: याचिका में दलील दी गई है कि वैवाहिक स्थिति के आधार पर नियुक्ति न देना संविधान द्वारा प्रदान किए गए मौलिक और कानूनी अधिकारों का सीधा उल्लंघन और स्पष्ट भेदभाव है।
कोर्ट का रुख
अदालत ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया के तहत की जाने वाली नियुक्तियों पर हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय की शर्त लागू कर दी है।


