पूर्व रेलवे के मालदा मंडल का व्यापक रेल सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान, 432 कार्यक्रम आयोजित
Malda Division of Eastern Railway launches massive rail safety public awareness campaign, 432 programmes organised

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहेबगंज। 18 फरवरी 2026: “सतर्क नागरिक, सुरक्षित रेल” थीम के तहत पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा 01 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक व्यापक रेल सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं मंडल सुरक्षा आयुक्त असीम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में किया गया। अभियान के दौरान मंडल के विभिन्न स्टेशनों, ट्रैक से सटे गांवों, विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं बाजार क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से नुक्कड़ सभाएं, माइक्रोफोन उद्घोषणाएं, पंपलेट वितरण एवं जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय प्रशासन का भी सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रमों में रेलवे ट्रैक पार करने के जोखिम, अनधिकृत रूप से पटरियों पर चलने के खतरे, चलती ट्रेन के समीप सेल्फी लेने की असुरक्षा, फुटबोर्ड पर यात्रा के जोखिम, अलार्म चेन पुलिंग (ACP) की दंडनीयता, पत्थरबाजी, सिग्नल उपकरणों से छेड़छाड़, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा तथा नशाखुरानी एवं चोरी से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर भी नागरिकों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत RPF को देने की अपील की गई।
अभियान की प्रमुख उपलब्धियाँ (01 अप्रैल 2025 – 31 जनवरी 2026)
कुल आयोजित जागरूकता कार्यक्रम: 432
जागरूक किए गए नागरिक/यात्री (लगभग): 10,000
कवर किए गए विद्यालय/संस्थान: 12
ट्रैक किनारे गांव/क्षेत्र: 80
अलार्म चेन पुलिंग (ACP) के विरुद्ध कार्रवाई: 1269 व्यक्ति
अन्य रेलवे अधिनियम उल्लंघन के मामले: 10,110 व्यक्ति गिरफ्तार
कुल वसूला गया जुर्माना: ₹20,96,500/-
मालदा मंडल ने स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक सड़क नहीं है तथा एक क्षण की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। मंडल ने अपील की कि यात्री एवं आमजन केवल अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करें, नियमों का पालन करें और रेल सुरक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में सहयोग करें।
“सुरक्षा कोई विकल्प नहीं — यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”



