धर्ममेरठ

श्रीराम बरात: मेरठ में अयोध्या का आलोकमय उत्सव, 

मेरठ की सड़कों पर उमड़ी रामलला की भव्य बरात

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। 23 सितंबर का दिन मेरठवासियों के लिए ऐतिहासिक बन गया। मानो स्वर्ग से देवता उतर आए हों और अयोध्या की पावन नगरी का वैभव मेरठ की गलियों में जीवंत हो उठा हो। श्री सनातन धर्म मंदिर, बुढ़ाना गेट से जब श्रीरामचंद्र जी की भव्य बरात निकली तो ऐसा लगा जैसे पूरा नगर प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित हो गया। श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा पंजीकृत मेरठ शहर के तत्वाधान में श्री रामलीला कमेटी पंजीकृत मेरठ शहर द्वारा बुढ़ाना गेट स्थित सनातन धर्म मंदिर से प्रभु श्री रामचंद्र जी की बारात निकाली गई। श्री राम बरात के मुख्य उद्घाटन कर्ता सचिन अग्रवाल ,  मुख्य तिलक कर्ता पी०एन० सिंघल, मुख्य पूजनकर्त्ता दीपक महाजन, रमित गोयल, नवीन अरोड़ा, संजीव अग्रवाल रहे । भगवान श्री रामचंद्र जी की बारात के संयोजक सिद्धार्थ गुप्ता (सिटी हलचल), गगन शर्मा, हिमांशु अग्रवाल, विपिन जिंदल रहे।
जिधर-उधर भी बरात बढ़ती गई, उधर-उधर भक्तों का सैलाब उमड़ता चला गया। सड़कों पर जय श्रीराम के उद्घोष, ढोल-नगाड़ों की थाप और घंटियों की झंकार गूंजती रही। भक्तजन राम संकीर्तन और भजनों पर थिरकते रहे, मानो स्वयं देवगण नृत्य कर रहे हों। झांकियों की सुनहरी रोशनी और रंग-बिरंगी झालरों से सजा पुराना शहर मानो पुष्पक विमान बन गया हो। हर गली, हर चौक दीपों की जगमगाहट से आलोकित था। फूलों की वर्षा ने वातावरण को और भी अलौकिक बना दिया। आतिशबाजी के धमाके से आसमान भी ष्जय श्रीरामष् का जयघोष करता प्रतीत हुआ। कुल 33 अद्भुत झांकियाँ और डोले प्रसिद्ध बैंड, ताशा, नपीरी भक्तों के आकर्षण का केंद्र बने। इनमें भगवान गणेश जी रिद्धि सिद्धि के संग, सुमंत जी गोल्डन रथ, विष्णु जी का विराट रूप, आदियोगी व महाकाल का सजीव चित्रण, राम दरबार, सीता स्वयंवर, रासलीला और ष्दुनिया में है तेरा नामष्, काली मां विराट रूप, कृष्ण जी द्वारा मोर नृत्य जैसे सीन लोगों को मंत्रमुग्ध करते रहे। कुछ झांकियाँ बोलती हुई प्रतीत होती थीं, जिससे भक्तजन बार-बार ष्वाह!ष् कहते रह गए। मेरठ के पाँचों प्रसिद्ध बैंड प्रकाश, राजा भारत चमन,  सुरेश बैंड (मुजफ्फरनगर), रवि बैंड ने ऐसा वातावरण बनाया कि हर कोई कदम से कदम मिलाने पर मजबूर हो गया। बैंड की मधुर धुनें और ताशों की गूंज ने बरात को स्वर्गीय संगीत सभा में बदल दिया। साथ ही प्रसिद्ध नपीरी रूपाशंकर, नपीरी राया मथुरा की धुन पर लोग मंत्र मुग्ध होते नजर आए। सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न दूध जैसी श्वेत अश्वों पर सवार होकर आगे बढ़े। उनके पीछे पुष्प वर्षा होती रही, आतिशबाजी से आकाश रंगीन हो गया और पूरा नगर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। वह दृश्य इतना दिव्य था कि मानो स्वयं अयोध्या से रामलला बारात लेकर मेरठ आए हों। रातभर भक्तजन झांकियों, पालकियों और डोलों को देखने के लिए सड़कों पर डटे रहे। कोई फूल बरसा रहा था, कोई भजन गा रहा था तो कोई मंत्रमुग्ध होकर रामलला के रूप का दर्शन कर रहा था। छोटे-बड़े, स्त्री-पुरुष, वृद्ध और बालक दृ सभी के हृदय में एक ही भाव था दृ “आज हमने रामलला की बरात देख ली, जीवन सफल हो गया।” यह श्रीराम बरात न केवल मेरठ बल्कि संपूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए अद्वितीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव बन गई। इस कार्यक्रम में शहर रामलीला के मुख्य संयोजक राकेश गर्ग, अध्यक्ष मनोज गुप्ता राधा गोविंद मंडप,  महामंत्री मनोज अग्रवाल खद्दर वाले, संरक्षक आलोक गुप्ता गुप्ता क्लासेज, कोषाध्यक्ष योगेंद्र अग्रवाल बबलू, संयोजक राकेश शर्मा, मुख्य समन्वयक रोहताश कुमार प्रजापति, राजन सिंघल, विपुल सिंघल, अंबुज गुप्ता, विपिन अग्रवाल, दिनेश बंसल, मनोज अग्रवाल, मनीष गुप्ता, राकेश पाहवा, जतिन, कृष्णा, अर्णव, वासु, अपार मेहरा, शिवनित, अजय वर्मा, लोकेश शर्मा, अर्पित भारद्वाज आदित्य शारदा, प्रिंस चौरसिया, अमित गुप्ता, हरिओम वर्मा, मयंक अग्रवाल ( ब्रॉडवे मीडिया लिंक्स) सहित हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
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