ललितपुर
अतिक्रमण हटाओ अभियान पर उठे सवाल

छोटे दुकानदारों पर सख्ती, बड़े पर मेहरबानी के आरोप
ललितपुर। शहर में बुधवार को नगर पालिका परिषद द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर अभियान के तहत सब्जी, फल, चाय की गुमटियों और छोटे ठेलों को हटाकर उनका सामान ट्रैक्टर-ट्रॉली में भर लिया गया, वहीं दूसरी ओर बड़े दुकानदारों द्वारा नालियों पर किए गए पक्के अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने से भेदभाव के आरोप तेज हो गए हैं। अभियान के दौरान सावरकर चौक से कटरा बाजार मार्ग पर रोजाना 10 से 15 फीट तक फैले अतिक्रमण पर किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की नजर न पडऩा स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। छोटे दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन केवल कमजोर वर्ग पर ही कार्रवाई कर रहा है, जबकि प्रभावशाली लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सदर कांटा क्षेत्र में दिखा विरोध
सदर कांटा इलाके में अवैध रूप से लगाई गई सब्जी दुकानों पर जब कार्रवाई हुई, तो वहां मौजूद महिला दुकानदार ने नाराजगी जताते हुए नपा कर्मियों को चेतावनी तक दे डाली। इस दौरान कई छोटे दुकानदारों ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू किया, लेकिन टीम ने मौके पर पहुंचकर जब्तीकरण की कार्रवाई तेज कर दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई जगह दुकानदार अपने सामान को बचाने के लिए छीना-झपटी करते नजर आए।
निरीक्षण के बाद शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर में पैदल निरीक्षण कर सड़क चौड़ीकरण की योजना तैयार की थी। उसी के तहत बुधवार को अभियान को अमलीजामा पहनाया गया।
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
स्थानीय व्यापारियों और गुमटी संचालकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान बिना किसी भेदभाव के चलाया जाए। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई हो तो सभी पर समान रूप से हो, ताकि न्यायसंगत व्यवस्था बनी रहे।



