दिल्लीराजनीतिराष्ट्रीय

एसआईआर पर चर्चा नहीं हुई तो संसद नहीं चलने देंगे…

समाजवादी पार्टी ने दी चेतावनी

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने चेतावनी दी है कि 1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में यदि एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई तो वह सदन नहीं चलने देंगे।
समाजवादी पार्टी ने रविवार को कहा कि अगर शीतकालीन सत्र के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा नहीं हुई तो वह संसद नहीं चलने देगी। संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि सरकार एसआईआर पर चर्चा करने से पीछे नहीं हट सकती है, क्योंकि इसे चुनाव आयोग द्वारा कराया जा रहा है।
लोगों के वोट काटे जा रहे हैं- सपा
रामगोपाल यादव ने कहा, समाजवादी पार्टी ने एसआईआर का मुद्दा इसलिए उठाया है क्योंकि बड़े पैमाने पर मैंने गड़बड़ियां देखी हैं। पहले हम सुनते थे लेकिन अब हम देख रहे हैं कि लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। बिहार में गड़बड़ियां हुई हैं। हमने इस पर चर्चा की मांग की है। वे चुनाव आयोग का हवाला देकर इससे पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने कहा कि ईसी सरकार ने बनाया है और बनाने वाला, बनाए गए से बड़ा होता है।
रामगोपाल यादव ने कहा, जब गलत काम हो रहा हो तो चर्चा क्यों नहीं हो सकती। अगर प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) का नाम काट दिया जाए तो क्या चर्चा नहीं होगी? मैं कई जगहों पर गया हूं, और अभी भी घूम रहा हूं। मैं 1967 से वोटर हूं। इटावा जिले में हम सभी को कैटेगरी सी में रखा गया है। पूरे जिले में सभी को कैटेगरी सी में रखा गया है। हमारे जिले से संसद के दोनों सदनों के सात एमपी और तीन एमएलए हैं और उनमें से हर एक को कैटेगरी सी में रखा गया है।
यह बैठक एक सुचारु सत्र सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई थी, जिसमें कई नए विधेयक पेश किए जाने हैं। शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। इस सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। विपक्ष ने इसे संक्षिप्त सत्र कहा है, क्योंकि सामान्यत: संसद के सत्रों में 20 बैठकें होती हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button