सिंगरौली

शहर की आधी सड़क पर गैराज, बाकी पर मवेशियों का कब्जा – वाहन चालक जाएं तो जाएं कहाँ?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सिंगरौली। उर्जाधानी सिंगरौली में यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी है। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से आम नागरिकों की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। हालत यह हो गई है कि आधी सड़क पर गैराज संचालकों ने अतिक्रमण कर लिया है, वहीं बची हुई सड़क पर मवेशियों का कब्जा रहता है। ऐसे में वाहन चालकों के पास सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता बचता ही नहीं।
सड़क या गैराज?
नगर के प्रमुख मार्गों — जैसे अमलोरी रोड, बरगवां रोड, बैढ़न चौक और सुभाष चौक — पर दर्जनों गैराज संचालकों ने बेधड़क आधी-आधी सड़क घेर रखी है। मरम्मत के लिए सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों की कतारें आम हो चुकी हैं। वाहन चालकों को प्रतिदिन जाम, धूल और ट्रैफिक के झंझट से जूझना पड़ रहा है।
मवेशियों की मनमानी
जहां अतिक्रमण नहीं, वहां सड़कों पर बेखौफ घूमते या बैठते मवेशियों का कब्जा है। सड़कों पर बैठी गायें, तेज़ रफ्तार में दौड़ते सांड, ट्रैफिक के बीच जुगाली करते झुंड — यह दृश्य अब आम हो गया है। हादसे का डर हमेशा बना रहता है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए।
प्रशासन की चुप्पी, जनता की परेशानी
शहरवासी कई बार नगर निगम और ट्रैफिक विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। न तो अतिक्रमण हटाया गया, न ही आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए कोई स्थायी इंतजाम किए गए हैं। लगता है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या को नजरअंदाज करने में ही अपनी “कर्तव्यपरायणता” समझ रहे हैं।
हादसे ने खोली पोल
बीते सप्ताह कचनी में परसौना रोड पर एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक बाइक से था, लेकिन सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप को बचाने के प्रयास में असंतुलित हो गया और ट्रक की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने 11 घंटे तक सड़क जाम रखा, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन देकर मामला शांत करा लिया।
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