असम SIR में 4-5 लाख ‘मियाओं’ के नाम हटेंगे
उन्हें परेशान करना मेरा काम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत मतदाता सूची से कम से कम 4 से 5 लाख ‘मिया’ समुदाय के नाम हटाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, “संदिग्ध लोग वोट नहीं दे सकते। SR प्रारंभिक है, SIR आने पर मियाओं के कम से कम चार-पांच लाख नाम कटेंगे। कांग्रेस मुझे आलोचना करे, लेकिन मियाओं को परेशान करना मेरा काम है, वरना वे डुलियाजान जैसे इलाकों में बस जाएंगे। ” मुख्यमंत्री सरमा ने तिनसुकिया के भूमि रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि हिंदुओं ने अपनी जमीनें मुसलमानों को बेच दी हैं, और मिया समुदाय डिगबोई व तिनसुकिया तक पहुंच चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विशेष संशोधन (SR) अभियान में एक भी असमिया हिंदू या असमिया मुसलमान का नाम नहीं कटा, केवल मियाओं को नोटिस दिए गए ताकि वे उत्साहित न हों। इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस, CPI, CPIM, रायजोर दल और असम जातीय परिषद ने इसका विरोध किया है । इसमें SR अभियान में अनियमितताएं, असंगतियां और अवैध हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया। दलों का कहना है कि मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम पर बड़े पैमाने पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जबकि अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी 2026 को जारी होनी है। यह बयान चुनाव आयोग के विशेष संशोधन (SR) अभियान के बीच आया है, जो SIR से अलग है और मुख्य रूप से नए मतदाताओं को शामिल करने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री सरमा ने पूर्व में भी मिया समुदाय को निशाना बनाते हुए बेदखली अभियानों का बचाव किया था। उनका दावा है कि केवल मियाओं को ही हटाया जाता है, असमिया मूल निवासियों को नहीं हटाया जायेगा ।


