
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : डोंगरिया गांव में एक पुराने तालाब की शासकीय जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर बेचने के मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.. इस विवाद में अब पूर्व सरपंच और जमीन के खरीदार आमने-सामने आ गए हैं..पूर्व सरपंच ने आरोप लगाया है कि 7 एकड़ तालाब की जमीन पर अवैध प्लाटिंग
मामले की शुरुआत दो दिन पूर्व हुई, जब डोंगरिया के पूर्व सरपंच लिखन बिसेन ने दर्जनों ग्रामीणों के साथ मिलकर एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा.. बिसेन का आरोप है कि गांव के दीपचंद टेंभरे द्वारा करीब 100 साल पुराने तालाब की लगभग 7 एकड़ शासकीय जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है और उसे बेचा जा रहा है…
वही खरीदार ने पलटवार करते हुए कहा कि चुनावी रंजिश के तहत फंसाने की साजिश है..इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए आज दीपचंद टेंभरे ने भी एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा.. टेंभरे का कहना है कि यह जमीन उन्होंने वैध तरीके से खरीदी है.. उन्होंने पूर्व सरपंच पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब पुरानी चुनावी रंजिश का नतीजा है..साल 2016 के पंचायत चुनाव में हम दोनों आमने-सामने थे, जिसमें मेरी हार हुई थी.. इसी का बदला लेने के लिए ग्रामीणों को बरगलाया जा रहा है…
दीपचंद टेंभरे ने साफ किया कि जिस तालाब की बात की जा रही है, वह पूरी तरह यथावत है…उसका कुछ हिस्सा नेशनल हाईवे निर्माण में जा चुका है, बाकी सुरक्षित है…इतना ही नहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि लिखन बिसेन के द्वारा देव स्थल की जमीन और तालाब से जमकर अवैध खनन किया गया है.. हमारी मांग है कि उसकी भी जांच की जाए… टेंभरे ने कहा कि वे खुद चाहते हैं कि प्रशासन इस जमीन का सीमांकन कराए, जिसके लिए उन्होंने पहले भी कलेक्टर और एसडीएम को आवेदन दिया था… सीमांकन होने से दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा…



