गाजियाबाद

एस सी  बस्ती में अवैध डीज़ल इंजन की मशीनों से जहरीला प्रदूषण 

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की शिकायत

अंकुर विहार (लोनी) की अनुसूचित जाति बस्ती में बिना अनुमति चल रहा निर्माण कारखाना, रात में संदिग्ध गतिविधियों से स्थानीय निवासियों में दहशत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लोनी गाजियाबाद : अंकुर विहार स्थित ग्राम सादुल्लाबाद की अनुसूचित जाति एस सी  आवासीय बस्ती में अवैध रूप से चल रही डीज़ल इंजन संचालित लकड़ी कटिंग और वुड-सेट निर्माण मशीनों के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी को औपचारिक शिकायती पत्र भेजकर शीध्र कार्यवाही करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार एडवोकेट, निवासी सादुल्लाबाद, ने बताया कि बस्ती में रहने वाले सतपाल भाटी और उसका पुत्र कुणाल अपने प्लॉट में बिना किसी लाइसेंस या एन ओ सी के यह औद्योगिक गतिविधियाँ चला रहे हैं। इनके स्थान पर देर रात तक 10–15 संदिग्ध युवक मौके पर मौजूद रहते हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
काला धुआँ, PM2.5–PM10 कणों से वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब
स्थानीय लोगों के अनुसार डीज़ल मशीनों से निकलने वाला घना काला धुआँ पूरे आबादी क्षेत्र में फैल रहा है, जिस कारण सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन,
अस्थमा रोगियों की समस्या, बच्चों और बुजुर्गो में तबीयत खराब होने की शिकायतें बढ़ गई हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि यहां प्रदूषण का स्तर कानूनी सीमा से कई गुना अधिक पहुँच चुका है
लगातार शोर से पढ़ाई, नींद और मानसिक शांति प्रभावित हो रही है
शिकायत में यह भी कहा गया है कि डीज़ल इंजन एवं कटिंग मशीनों का तेज शोर दिन-रात जारी रहता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई, वरिष्ठ नागरिकों की नींद,
बीमार लोगों की स्थिति भी
गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
यह स्थिति Noise Pollution Rules, 2000 का खुला उल्लंघन मानी जा रही है।
आवासीय एस सी बस्ती में औद्योगिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है
सुरेंद्र कुमार एडवोकेट ने बताया कि पूरा क्षेत्र नगर पालिका रिकॉर्ड में पंजीकृत आवासीय एस सी मलिन बस्ती है जहाँ किसी भी प्रकार की औद्योगिक मशीनें चलाना कानूनन प्रतिबंधित है।
बिना अनुमति चल रही है यह मशीन
यू पी पी सी बी मानक,एन जी टी  व सी ए क्यूं एम के अलावा एन सी आर के निर्देश तथा ग्रैप नियम, के साथ साथ नगरपालिका अधिनियम का भी उल्लघंन हो रहा है।
पुलिस ने मशीनें बंद कराई, पर संचालकों ने दोबारा शुरू करने की दी धमकी
20 नवंबर 2025 की रात स्थानीय पुलिस ने शिकायत मिलने पर मशीनों को बंद कराया। लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित लोगों ने पुनः काम शुरू करने की धमकी दी है।
शिकायत कर्ता का आरोप है कि इन्हें कुछ जनरेटर–डीज़ल इंजन माफियाओं का भी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
जिलाधिकारी से संयुक्त निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि—
अवैध मशीनें तुरंत बंद कराई जाएँ,यू पी पी सी बी व नगर पालिका और पुलिस का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए,दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम,आई पी सी की धारा 268,269,270, के अन्तर्गत कार्यवाही की जाए ।
 भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर स्थाई रोक व निगरानी लगाई जाए।
शिकायत कर्ता सुरेन्द्र कुमार एडवोकेट का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर उनके संवैधानिक स्वास्थ्य-अधिकार (अनुच्छेद 21) का उल्लंघन है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्यवाही करनी चाहिए।
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