बोकारो जिले के डीएमएफटी के पांडेय 51 लाख के साथ गिरफ्तार
Pandey of DMFT of Bokaro district arrested with 51 lakhs

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
बोकारो। गोला थाना में 51 लाख रुपए के साथ डीएमएफ़टी , बोकारो के पांडेय जी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने रुपए के साथ इन्हें इंकम टैक्स विभाग के हवाले कर दिया। उपयुक्त ने कहा है कि पांडेय जी पर समुचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएमएफटी अर्थात ” डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट” या जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट। यह ट्रस्ट उन जिलों में स्थापित किया जाता है, जहां खनन कार्य होता है। इसका मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों से प्रभावित समुदायों और क्षेत्रों के विकास पर काम करना। यह खनन से प्रभावित व्यक्तियों और क्षेत्रों के हितों के लिए काम करने वाला एक गैर-लाभकारी निकाय है। यह उन खनन कंपनियों द्वारा जमा की गई रॉयल्टी के एक हिस्से से वित्त पोषित होता है,जो उस जिले में काम करती हैं। इस ट्रस्ट को उस जिले में खनन कार्य करने वाली कंपनियां अपने लाभ का सरकार द्वारा तय हिस्सा देती हैं और इस फंड को जिस क्षेत्र में खनन होता है, उस क्षेत्र और वहां के लोगों के विकास में खर्च करना होता है। बोकारो में भी बेरमो अनुमंडल का एक बड़ा क्षेत्र खनन के लिए देश में जाना जाता है। गोला में पुलिस जांच के क्रम में इसी विभाग के बोकारो कार्यालय के लेखा लिपिक राजेश पांडेय 51 लाख रुपए के साथ पकड़े गए। एक लग्जरी गाड़ी में 500 – 500 के नोटों से कार्टून भरा था। गोला थाना में मशीन से रुपए की गिनती की गई और उसके बाद पुलिस ने इनको इनकम टैक्स विभाग के हवाले कर दिया। एक लिपिक के पास इतनी बड़ी रकम का मिलना यह स्पष्ट इशारा है कि बेरमो कोयलांचल क्षेत्र के मजदूरों के विकास के लिए जो पैसा सीसीएल और बीसीसीएल सरकार के।माध्यम से ट्रस्ट को देती है, उसका उपयोग ईमानदारी पूर्वक नहीं हो रहा है। वैसे जिले के उपयुक्त अजय नाथ झा इस पर समुचित कार्रवाई की बात कर रहे हैं लेकिन यह घटना चीख – चीख कर कह रही है कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट में बड़ा गड़बड़ घोटाला है। सही ढंग से जांच हो तो कई अधिकारी नपेंगे।



