पांच लाख में हुई सौदेबाज़ी, पुलिस कर्मचारी साले के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम — मुख्य आरोपी सिपाही अभी भी फरार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद) : रिटायर्ड वारंट ऑफिसर योगेश की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि योगेश की हत्या की साजिश उनके ही दोनों बेटों ने रची थी। हत्या के लिए पड़ोसी अरविंद को पांच लाख रुपये में सुपारी दी गई थी। पुलिस ने अरविंद को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया , जबकि वारदात में अहम भूमिका निभाने वाला पुलिस सिपाही नवीन कुमार और एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी की टीम द्वारा पकड़ा गया अरविंद मृतक योगेश का पड़ोसी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार 22 दिसंबर को योगेश की हत्या की योजना बनाई गई थी। तय प्लान के तहत 25 दिसंबर को बेटा नितेश गुरुग्राम चला गया, जबकि उसका भाई गुड्डू खजूरी स्थित उस स्थान पर गया जहाँ CCTV कैमरे लगे थे, ताकि वह अपने आपको इस घटनाक्रम से अलग होना साबित कर सके।
इसी दौरान अरविंद और उसका साला सिपाही नवीन योगेश के इंतजार में सड़क किनारे खड़े हुए जब योगेश वहां पहुँचा तो उन्होंने उसके सिर में गोली मारकर मौके से मोटरसाइकिल से फरार हो गए। घटना के बाद नितेश ने खुद को दुखी दिखाने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराकर दुःखी होने का नाटक भी किया।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि योगेश के अवैध संबंधों को लेकर विवाद और प्रॉपर्टी बेचने की धमकी इस हत्या की प्रमुख वजह मानी जा रही है। वहीं, सिपाही नवीन जो कौशांबी जनपद पुलिस की मीडिया सेल में तैनात था, वह अगस्त से ड्यूटी से लापता चल रहा है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
अशोक नगर चौकी इंचार्ज विवेक जावला ने विभिन्न साक्ष्यों को जोड़ते हुए छानबीन की और वारदात में शामिल आरोपी अरविंद को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।



