बोकारो उप विकास आयुक्त ने कृषक पाठशाला का किया औचक निरीक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो : बोकारो के उपविकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति द्वारा संचालित समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला, नावाडीह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकार मो शाहिद, नावाडीह प्रखण्ड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार हेमब्रम भी उपस्थित रहे। उपविकास आयुक्त ने कृषक पाठशाला परिसर में बने प्रशिक्षण भवन, लेबर सह गार्ड रूम, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, स्टोर रूम, गाय शेड, बकरी शेड, सुअर शेड, मुर्गी शेड, तालाब, अजोला यूनिट, मधुमखी पालन, नर्सरी, सोलर डीप बोरिंग, सोलर पावर ग्रीड, पॉली हाउस, गाय पालन, बकरी पालन, बतख पालन, मुर्गी पालन, सुवर पालन, मनरेगा से निर्मित कूप तथा लगाए गए फलदार पौधों और उच्च मूल्य की फसलों का निरीक्षण किया।
■ उप विकास आयुक्त शतब्दी मजूमदार ने कहा की कृषक पाठशाला नावाडीह एक बहुउद्देशीय कृषि मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है। यहाँ एक ही परिसर में खेती, पशुपालन, बागवानी, नर्सरी, मधुमक्खी पालन, पॉली हाउस तकनीक, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था जैसी कई गतिविधियाँ एकीकृत रूप से संचालित हो रही हैं, जो इसे बोकारो के लिए आदर्श बनाती हैं। हमारा लक्ष्य है कि इसे ‘एग्रो टूरिज़्म पार्क’ के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ किसान, छात्र, शोधकर्ता और आम लोग आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देख सकें। साथ ही इस कृषक पाठशाला को झारखंड राज्य का मॉडल कृषक पाठशाला बनाने के लिए प्रशासन की ओर से इस परियोजना को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
■ जिला कृषि पदाधिकारी मो शाहिद ने कहा की कृषक पाठशाला में कृषि के लगभग सभी महत्वपूर्ण घटकों को समाहित किया गया है—फसल उत्पादन, जल संरक्षण, जैविक खाद निर्माण, उच्च-प्रजाति पशुपालन, और नवीन तकनीक आधारित फसल प्रबंधन। यहां किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक खेती अपनाकर आय बढ़ा सकें। विभाग की ओर से और भी तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण विशेषज्ञ और उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
■ प्रखण्ड विकास पदाधिकारी प्रशांत किशोर हेमब्रम ने कहा की नावाडीह जैसे प्रखंड में ऐसी कृषक पाठशाला का होना ग्रामीण विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय युवाओं, किसानों और महिलाओं को रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है। प्रशासन इस परिसर को ‘रूरल एंटरप्राइज हब’ के रूप में विकसित करने पर भी विचार कर रहा है ताकि प्रशिक्षण के साथ-साथ विपणन और मूल्य संवर्धन की सुविधाएँ भी सुदृढ़ की जा सकें। जिला एवं प्रखंड प्रशासन हर स्तर पर सहयोग करेगा।
■ सचिव बासुदेव शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में कृषक पाठशाला को राज्यस्तरीय मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए। यहां किसानों को खेती से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुँच की पूरी जानकारी दी जाएगी। संस्था अगले चरण में मशरूम यूनिट, जैविक खाद उत्पादन, मिनी प्रोसेसिंग यूनिट और किसान उत्पादक समूहों को प्रशिक्षण जैसी गतिविधियाँ शुरू करने जा रही है।
मौके पर बीपीओ राकेश कुमार, जेई रोहित कुमार, विश्वनाथ महतो, मुखिया किरण देवी, पंचयात सचिव कुमारी नमिता, पूर्व पंचयात समिति सदस्य किरण देवी, अनवर अंसारी, असगर हुसैन, आशीष मिश्रा, भुनेश्वर महतो, राजू कुमार, अजय कुमार, चन्दन कुमार, अरुण कुमार, नागेश्वर कुमार, रोजगार सेवक मतीन मदन महतो, अकरम अंसारी सहित कई लोग उपस्थित थे।




