हजारीबाग
राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा
लक्ष्य प्राप्ति हेतु विभागों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।

दाखिल खारिज का स- समय निष्पादन न होने पर अंचल अधिकारी पर सेवा अधिकार अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई:आयुक्त।
वन एवं सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें अधिकारी :- उपायुक्त
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हजारीबाग जिले के विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रहण से संबंधित समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभाकक्ष, हजारीबाग में आयोजित की गई। श्री विजय कुमार गुप्ता, प्रमंडलीय आयुक्त, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल हजारीबाग ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा की जनकल्याणकारी कार्यों के लिए राजस्व में वृद्धि आवश्यक है। इसके समूचित संकलन के लिए अपनी समस्त विभागीय शक्तियों का प्रयोग कर राज्य सरकार के लक्ष्य आधारित राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी अपने विभागीय कार्यों, योजनाओं, कार्यक्रमों, नियमों और शासनादेशों की पूरी जानकारी रखे, अधिकारियों को जितनी अच्छी जानकारी होगी, वे राजस्व संग्रहण में उतना ही अच्छा काम कर सकेंगे। समीक्षा के दौरान हजारीबाग ज़िले के विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित वार्षिक राजस्व लक्ष्य तथा अब तक की लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति का विस्तार से आकलन किया गया। इस अवसर पर खनन विभाग, वाणिज्य कर, परिवहन, उत्पाद, कृषि, माप एवं तौल, बाजार समिति, निबंधन, मत्स्य, नगर निगम सहित अन्य विभागों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के वार्षिक लक्ष्य, अब तक की प्राप्ति तथा शेष लक्ष्य के संबंध में अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की वर्तमान स्थिति एवं राजस्व संग्रहण की प्रगति से आयुक्त महोदय को अवगत कराया। बैठक के दौरान राजस्व वृद्धि के उद्देश्य से प्रमंडलीय आयुक्त ने निर्देश दिया कि फ्लैट निबंधन से संबंधित मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जाए। साथ ही अधिक-अधिक फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हो सके इसके लिए अधिकारी विशेष एजेंडा तैयार कर कार्य करें ताकि राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा की वैसे अभिलेख जो क्षतिग्रस्त होने के कगार पर है उनका संधारण सुनिश्चित करें। परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को परिवहन कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए विभाग की सकारात्मक छवि स्थापित करने तथा अपनी वैधानिक शक्तियों का समुचित उपयोग कर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण अथवा अन्य परिवहन संबंधी सेवाओं के लिए किसी बिचौलिए या वेंडर पर निर्भर न रहना पड़े तथा वे सीधे विभाग के माध्यम से अपने कार्य संपादित कर सकें।आयुक्त ने डिफॉल्टर वाहनों, ओवरलोड वाहनों एवं परिचालित बसों के विरुद्ध समय-समय पर सघन जांच अभियान चलाने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने मद्य दुकानों की बंदोबस्ती की स्थिति, अवैध शराब के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा अब तक ध्वस्त की गई भट्टियों एवं जब्त देशी-विदेशी शराब की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बिहार सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए गुप्तचर तंत्र को सक्रिय रखने तथा अवैध शराब निर्माण एवं तस्करी से संबंधित गतिविधियों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर उन्हें पूर्णतः समाप्त करने का निर्देश दिया।
वाणिज्य कर विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे ठेकेदारों एवं व्यवसायियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, जो नियमित रूप से जीएसटी का भुगतान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कर संग्रहण में वृद्धि तथा कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। खनन विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिया कि विभिन्न घाटों से हो रहे अवैध बालू उठाव पर प्रभावी रोक लगाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध बालू उत्खनन एवं परिवहन को पूर्णतः बंद करने के लिए सतत निगरानी एवं सघन जांच अभियान चलाया जाए। साथ ही, सभी प्रकार के अवैध खनन गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। आयुक्त ने निर्देश दिया कि बिना वैध लाइसेंस एवं आवश्यक दस्तावेजों के खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध एमएमडीआर अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
बैठक में आयुक्त ने माप-तौल विभाग को पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण, जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा उपलब्ध वैधानिक शक्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मत्स्य विभाग को बड़े जलाशयों के सुदृढ़ीकरण हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने को कहा गया।
नगर निगम की समीक्षा के दौरान राजस्व संग्रहण में वृद्धि के साथ-साथ झील परिसर में हाई मास्ट लाइट लगाने, नियमित साफ-सफाई एवं फॉगिंग कराने तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। आयुक्त ने लंबित दाखिल-खारिज मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित दाखिल-खारिज मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज के मामलों में अनावश्यक लंबितता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी तथा लंबित मामलों की संख्या में शीघ्र कमी लाई जाए। बैठक में आधारभूत संरचना परियोजनाओं, एनटीपीसी, विभिन्न कोल कंपनियों एवं एनएचएआई से संबंधित भू-अर्जन मामलों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान म्यूटेशन, एलपीसी, लीज, जीएम जेजे, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, पैक्स भवनों के स्थानांतरण, ट्रांसमिशन लाइन तथा एफआरए से संबंधित मामलों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि अंचल स्तर पर निष्पादित होने वाले मामलों के लिए संबंधित अंचलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर नियमित अनुश्रवण किया जाए। भवन प्रमंडल के सहायक अभियंता को भवन मूल्यांकन संबंधी कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में उपस्थित हजारीबाग उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण, अतिक्रमण अथवा अनधिकृत गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किए गए निर्माणों एवं कब्जों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जाए। उपायुक्त ने सरकारी भूमि की नियमित निगरानी करने और उसे अतिक्रमण मुक्त रखने हेतु विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। इस बैठक मेंमुख्य रूप से उप विकास आयुक्त रिया सिंह, नगर आयुक्त श्री ओमप्रकाश गुप्ता, अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी बरही जोहन टुडू, सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कर्मी शामिल थे।




