
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हसनपुर। थाना सैदनगली क्षेत्र के जंगल में मांस से भरी लावारिस अर्टिगा कार मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पूरे गिरोह के खुलासे की मांग की है।
तहसील हसनपुर के ग्राम खरसौली में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में केवल वाहन स्वामी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति की है, जबकि इस घटना के पीछे संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि 9 जून की सुबह संदिग्ध अर्टिगा कार जंगल की ओर जाती हुई देखी गई थी। कुछ समय बाद वाहन एक खेत में फंसा मिला, जिससे ग्रामीणों को संदेह हुआ। उनका आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से मांस तस्करी का नेटवर्क सक्रिय हो सकता है और इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शर्मा ने किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो 11 जून को एसडीएम एवं सीओ कार्यालय पर किसानों और ग्रामीणों द्वारा बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर तस्करी से जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की है।




