ललितपुर
अधिकारियों के लैपटॉप, टेबलेट व सरकारी फाइलें लेकर फरार हुआ ड्राईवर
बारह नवम्बर की घटना, तेरह दिन बाद करायी गयी एफआईआर दर्ज
बीडीओ महरौनी, बीडीओ मड़ावरा, बीडीओ बिरधा का सामान व सरकारी दस्तावेज गायब
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। गिन्नौट बाग में बारह नवम्बर को आयोजित सामुहिक विवाह समारोह में आधिकारिक रूप से शामिल होने के लिए आये खण्ड विकास अधिकारियों के कीमती सामान, लैपटॉप, टेबलेट और कार्यालय की महत्वपूर्ण फाइलों को लेकर कार चालक फरार हो गया। अधिकारियों की संवेदनहीनता का जीवन्त उदाहरण यह भी देखा गया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद भी फरार हुये ड्राईवर के भाई के कहने पर अभी तक मामले को दबाए रखा गया। जब मामला खुलता नजर आया तो भाड़े पर लगी कार के पंजीकृत स्वामी के जरिए ड्राईवर पर एफआईआर दर्ज करायी गयी है।
मिर्चवारा में रहने वाले रामकुमार पुत्र करन सिंह ने पुलिस को तहरीर दी है। बताया कि वह बुलैरो गाड़ी संख्या यू.पी. 94 ए.टी. 3828 का पंजीकृत स्वामी है। यह गाड़ी उसने विकास खण्ड बिरधा कार्यालय में लगायी थी। बुलैरो को चलाने की जिम्मेवारी ग्राम जिजयावन राधेश्याम पुत्र स्व.फूलसिंह को सौंपी गयी थी। खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि वह बीती 12 नवम्बर 2025 को मुख्यालय स्थित गिन्नौट बाग में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए बुलैरो से, जिसे राधेश्याम चला रहा था के साथ गये हुये थे। यहां आरोप है कि अपराह्न करीब 2 बजे राधेश्याम वाहन में रखे हुये कीमती सामान व कार्यालय की महत्वपूर्ण पत्रावली का बैग लेकर फरार हो गया और फोन भी बंद कर लिया। काफी इंतजार करने के बाद विकास खण्ड बिरधा में तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर सुनील कुमार ने बताया कि राधेश्याम 1.30 बजे से 2 बजे के बीच अचानक सामूहिक विवाह स्थल गिन्नौट से ही गाड़ी की चाबी पकड़ाकर यह कहते हुये चला गया कि अभी वापस आ जाऊंगा।
इन अधिकारियों का यह सामान गया चोरी
बीडीओ बिरधा द्वारा बताया गया कि उनका एप्पल कम्पनी का लैपटॉप कीमत 35 हजार रुपये, ऑफिस के सरकारी दस्तावेज ले गया। बीडीओ मड़ावरा के एच.पी. का लैपटॉप, साथ में ऑफिस के कुछ फाइलें सभी गायब हैं। बीडीओ महरौनी का टेबलेट 40 हजार रुपये का लेकर फरार है। खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि सामूहिक विवाह स्थल पर भीड़-भाड़ के कारण अन्य अधिकारी जिसमें खण्ड विकास अधिकारी मड़ावरा, खण्ड विकास अधिकारी महरौनी के भी कीमती सामान लेकर फरार हैं।
पुलिस को सूचना देने के बजाय परिजनों, रिश्तेदारों को खोजा
उनके द्वारा सूचना मिलते ही ड्राईवर राधेश्याम की खोजबीन किया गया, उसके घर वालों व रिश्तेदारों और सगे भाई राजा भैया से भी कहा। लेकिन राधेश्याम का फोन बंद आने से किसी दुर्घटना की संभावना लगातार बनी रही। तीन दिन बाद जब राधेश्याम के बड़े भाई राजा भैया ने बताया कि उसकी बात हो गयी है, वह जल्द आ जायेंगे, तब तक एफआईआर न करायें।
राजाभैया ने साले से मिलकर राधेश्याम से कराया सामान चोरी
रामकुमार ने आरोप लगाया कि राधेश्याम ड्राईवर था और उसके बड़े भाई राजा भैया ने अपने साले ग्राम मड़वारी निवासी चन्द्रपाल पुत्र शेर सिंह यादव के माध्यम से सारा सामान लेकर गायब कराया। यह भी बताया कि चन्द्रपाल का मोबाइल भी बंद जा रहा है।
12 नवम्बर की घटना तेरह दिन बाद हुयी दर्ज
इस घटना को लेकर बताया जा रहा है कि 12 नवम्बर को गिन्नौट बाग में हुयी, लेकिन पुलिस में जाने के बजाय अधिकारियों ने वाहन स्वामी द्वारा ड्राईवर के परिजनों से बात करने और खोजने में व्यवस्त रहे, लेकिन नियमानुसार कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेज, जिनका खुलासा एफआईआर में नहीं किया गया है और लैपटॉप, टेबलेट जिसमें सरकार की महत्वपूर्ण जानकारियां हो सकती हैं के गायब होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देकर एफआईआर दर्ज करायी जानी थी।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना की शुरू
कोतवाली पुलिस ने वाहन स्वामी रामकुमार की तहरीर पर ड्राईवर राधेश्याम के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 (2) व 61 (2) के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।