मथुरा
उस मां की पहचान नहीं हो सकी, जो बच्चों को बचाकर खुद आग में समाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। आग की लपटों के बीच चीखते-चिल्लाते बच्चों की जान बचाने वाली पार्वती के शव की अभी तक पहचान नहीं हुई। पार्वती के बेटे ने डीएनए जांच के लिए एक सप्ताह पहले सैंपल दिया था। अब बुधवार वाली रिपोर्ट या लखनऊ वाली रिपोर्ट में उनकी शिनाख्त होने की संभावना है। यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुआ भीषण हादसे का शिकार हो गई थीं। वह हमीरपुर के राठ की रहने वाली थीं। वह अपने बच्चे प्राची (12) और सनी (8) के साथ डबल डेकर बस से नोएडा अपने पति गोविंद के पास जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में वह हादसे का शिकार हो गईं, लेकिन इस हादसे में उन्होंने दोनों बच्चों को बचा लिया। बस की खिड़की का कांच तोड़कर बच्चों को बाहर निकाल दिया, जबकि खुद आग की लपटों में फंस गईं और जिंदा जल गईं। हालांकि उनके शव की पहचान के लिए उनकी बेटे सनी का डीएनए सैंपल लिया गया है। पहली रिपोर्ट में 10 मृतकों की शिनाख्त हो गई है, लेकिन उनके नाम इस लिस्ट में नहीं है। अब परिजन लखनऊ में होने वाली डीएनए जांच या बुधवार को आगरा से आने वाली डीएनए रिपोर्ट से उम्मीद लगा रहे हैं। दोनों रिपोर्ट आने के बाद भी उनके शव की शिनाख्त हो सकेगी।



