खैरथल

जिला मुख्यालय खैरथल को बचाने के लिए संयुक्त व्यापार महासंघ का बड़ा फैसला 

खैरथल शहर अनिशि्चित काल के लिए बंद ; भरतहरी तपोभूमि से भी विरोध शुरू

नेशनल प्रेस ब्यूरों
खैरथल: सयुंक्त व्यापार महासंघ की शनिवार को सम्पन्न हुई बैठक में खैरथल अनिश्चित कालीन बंद रखने का फैसला लिया गया!उनके इस निर्णय के समर्थन में अनाज मंडी के पदाधिकारियों ने भी अनाज मंडी बंद रखने का निर्णय लिया!
 सयुंक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक में अनाज मंडी सहित सभी यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद रहे!
 बैठक में रोघा ने बताया की कल शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह के निमंत्रण पर दिल्ली आवास गए खैरथल के लोगो को जिले के नाम परिवर्तन की सफाई देने व जिला मुख्यालय बनाने की बात स्पस्ट नहीं की केवल इतना ही अवगत कराया गया की नया भ्रतहरीनगर नोयडा की तर्ज पर विकसित किया जायेगा!इस बात से स्पष्ट संकेत मिलता है जिला मुख्यालय हम से छिना जा रहा है!जबकि हर मामले में खैरथल जिला मुख्यालय डीजर्व करता है!
 रोघा ने कहा की यहां से मुख्यालय बदलना केवल खैरथल के लोगो को ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बहुत बड़ी समस्या हो जाएगी!उन्होंने बताया कल रविवार सुबह से पूरा शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रख विरोध जताया जायेगा!रोघा ने कहा की बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा जायेगा!
 बैठक में अनाज मंडी व्यापारी,मोबाईल यूनियन,कपड़ा यूनियन, किराना यूनियन,खाद बीज यूनियन,जनरल स्टोर यूनियन,लोहा, इलेक्ट्रोक, इलेक्ट्रोनिक यूनियन समेत कई यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे!
*भर्तृहरि_नगर की कपोल कल्पना का भर्तृहरि महाराज की कर्म भूमि से ही होगा जोरदार जन-विरोध।
मिली जानकारी के अनुसार सीएम भजनलाल शर्मा और सांसद भूपेंद्र यादव द्वारा खैरथल-तिजारा जिले मे भरतरी नगर बनाने का विरोध भृत्हरी धाम से ही शुरू हो गया है कुशालगढ़ स्थित चिमटीनाथ जी के मंदिर में भर्तृहरि अभ्यारण क्षेत्र के पंच पटेलों की बैठक आयोजित हुई। भर्तृहरि बचाओ समिति का गठन किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि—
भर्तृहरि महाराज हमारे लोक देवता हैं, हमारी आस्था का केंद्र हैं। वर्षों से जारी हमारी मांग है कि सरिस्का अभ्यारण का नाम भर्तृहरि अभ्यारण होना चाहिए।
 
 सरकार ने हमारी भावनाओं को ठेस पहुँचाते हुए खैरथल-तिजारा जिले मे भर्तहरी नगर नाम से नया नगर प्रस्तावित कर दिया,
जिसका ग्रामीणों ने खुलकर विरोध* करने का निर्णय किया है। 22 अगस्त, शुक्रवार भर्तृहरि महाराज मंदिर परिसर राज्य सरकार के लिए सद्बुद्धि यज्ञ होगा।
जिसमें भर्तृहरि नगर जिले के विरोध में प्रस्ताव पारित कर, आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी एवम् आम सभा में सभी से विचार आमंत्रित कर, 
भर्तृहरि की पहचान इस क्षेत्र से है उसे हर कीमत पर बचाया जाएगा ।
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