बागपत

हर सफल ऑपरेशन के पीछे एक एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है – डॉ. संगीता गर्ग

एमबीबीएस, डी.ए., डी.एन.बी. (एनेस्थीसियोलॉजिस्ट)

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। स्वास्थ्य सेवाओं में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मरीज को सुरक्षित रूप से ऑपरेशन के लिए तैयार करना, पूरी सर्जरी के दौरान उसकी हर जीवनरक्षक गतिविधि पर नजर रखना और ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित रिकवरी तक पहुंचाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसी दायित्व को पूरी निष्ठा से निभा रही हैं डॉ. संगीता गर्ग।
प्रश्न: आपने एनेस्थीसियोलॉजी को ही अपना क्षेत्र क्यों चुना?
डॉ. संगीता गर्ग: मुझे हमेशा ऐसा क्षेत्र पसंद था जिसमें मरीज की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता हो। एनेस्थीसियोलॉजी में हर पल सतर्क रहना पड़ता है। यह चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ बेहद संतोष देने वाला कार्य है।
प्रश्न: क्या आपके परिवार का भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ाव है?
उत्तर: जी हाँ। मेरे पति डॉ. मुदित गर्ग (एमबीबीएस, एम.एस. जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन) हैं। हम दोनों चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत हैं और हमारा प्रयास रहता है कि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। एक सर्जन और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट के रूप में हम दोनों अच्छी तरह समझते हैं कि सफल ऑपरेशन केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम होता है।
प्रश्न: क्या एक ही पेशे में होने से काम में सुविधा मिलती है?
उत्तर: निश्चित रूप से। चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों, जिम्मेदारियों और समय की मांग को हम दोनों अच्छी तरह समझते हैं। एक-दूसरे का सहयोग और विश्वास हमें अपने कार्य को और बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित करता है। ऑपरेशन थिएटर में सर्जन और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट के बीच बेहतर तालमेल मरीज की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।
प्रश्न: एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की मुख्य जिम्मेदारी क्या होती है?
उत्तर: हमारी जिम्मेदारी केवल मरीज को बेहोश करना नहीं है। ऑपरेशन से पहले मरीज की स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करना, ऑपरेशन के दौरान उसकी हर महत्वपूर्ण गतिविधि की निगरानी करना और ऑपरेशन के बाद सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
प्रश्न: सफल ऑपरेशन का सबसे बड़ा आधार क्या है?
उत्तर: सफल ऑपरेशन का आधार टीमवर्क है। सर्जन, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और अन्य चिकित्सा कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय ही मरीज को सर्वोत्तम परिणाम देता है।
प्रश्न: युवा डॉक्टरों और आम लोगों के लिए आपका संदेश?
उत्तर: चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है। डॉक्टरों को हमेशा सीखते रहना चाहिए और मरीजों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। वहीं मरीजों से मेरा अनुरोध है कि किसी भी ऑपरेशन से पहले अनावश्यक डर न रखें, अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें और समय पर इलाज कराएं।
डॉ. संगीता गर्ग और उनके पति डॉ. मुदित गर्ग (एमबीबीएस, एम.एस.) चिकित्सा क्षेत्र में समर्पण, विशेषज्ञता और सेवा भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। एक ओर डॉ. मुदित गर्ग अपनी सर्जिकल विशेषज्ञता से मरीजों को नया जीवन देने का प्रयास करते हैं, वहीं डॉ. संगीता गर्ग अपनी कुशल एनेस्थीसिया सेवाओं से प्रत्येक ऑपरेशन को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दोनों का साझा उद्देश्य है—मरीजों को सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना।
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