बागपत
रविवार को भी ड्यूटी, कब मिलेगा आराम?
डीएवी इंटर कॉलेज टटीरी केंद्र पर परीक्षा ड्यूटी के बाद शिक्षकों ने उठाई अर्जित अवकाश की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत : डीएवी इंटर कॉलेज टटीरी, बागपत में आयोजित उत्तर प्रदेश अधीनस्थ अवर अभियंता (JE) लिखित परीक्षा के सफल संचालन के बाद कक्ष निरीक्षक एवं परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षकों ने प्रशासन से एक महत्वपूर्ण मांग उठाई। शिक्षकों ने कहा कि लगातार अवकाश के दिनों, विशेषकर प्रत्येक रविवार को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं अतिरिक्त प्रशासनिक कार्यों में उनकी ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे उन्हें साप्ताहिक अवकाश तक नसीब नहीं हो पा रहा। ऐसे में अवकाश दिवस पर कराए जा रहे कार्यों के बदले अर्जित अवकाश (Earned Leave) दिया जाना चाहिए।
इस दौरान अटेवा के जिला महामंत्री राजेश कुमार सरोज ने शिक्षकों की ओर से आवाज बुलंद करते हुए कहा कि पिछले कई सप्ताहों से यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा, दरोगा परीक्षा, होमगार्ड परीक्षा, अवर अभियंता परीक्षा सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन लगातार रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जनगणना प्रशिक्षण, प्रशासनिक बैठकों और अन्य सरकारी दायित्वों के कारण शिक्षकों पर कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक सप्ताह के छह दिन विद्यालयों में बच्चों को शिक्षित करने का कार्य पूरी जिम्मेदारी से करते हैं, लेकिन जो एकमात्र साप्ताहिक अवकाश उन्हें अपने पारिवारिक, सामाजिक और व्यक्तिगत आवश्यक कार्यों के लिए मिलता है, वह भी अब परीक्षा ड्यूटी और सरकारी कार्यों की भेंट चढ़ रहा है। इससे शिक्षकों में मानसिक, शारीरिक और पारिवारिक दबाव बढ़ रहा है।
राजेश कुमार सरोज ने संविधान और श्रम व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि “छह दिन कार्य और एक दिन विश्राम” की अवधारणा केवल औपचारिकता बनकर नहीं रह जानी चाहिए। यदि प्रशासन शिक्षकों से अवकाश के दिनों में अतिरिक्त सेवाएं ले रहा है, तो उसके बदले अर्जित अवकाश देना न्यायसंगत और मानवीय कदम होगा।
शिक्षकों ने यह भी कहा कि वे राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते हैं और परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में सहयोग देना अपना कर्तव्य समझते हैं, लेकिन उनकी मानवीय जरूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। “आखिर शिक्षक भी इंसान है” — यह भाव शिक्षकों की मांग में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से मांग की कि भविष्य में अवकाश के दिनों में लगाई जाने वाली ड्यूटी के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए और शिक्षकों को प्रतिपूरक अवकाश (Compensatory Leave) या अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए।
इस दौरान तस्लीम, रोहित कुमार, विवेक शुक्ला, कुशल चंद, अशोक कुमार, संदीप कुमार, विकास कुमार, मानव, अनुराधा मलिक, राधा पाल, अनिल कुमार शर्मा, उमाशंकर, सतवीर सिंह, दीपक सिंह, नरेंद्र सैनी सहित विभिन्न विद्यालयों के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी कार्य परिस्थितियों को भी संवेदनशीलता से समझा जाना चाहिए।



