पहले रिश्वत की चर्चा, फिर खबर और अब मुकदमा
जीडीए कार्यालय से अंकुर विहार थाने तक पहुंचा मामला, आखिर क्या है पूरा खेल?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : डीएलएफ अंकुर विहार क्षेत्र में चल रहे नाला और रोड निर्माण कार्य को लेकर उठे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहले निर्माण कार्य में कथित कमीशनखोरी और घटिया सामग्री के आरोप सामने आए, फिर स्थानीय स्तर पर खबरें और शिकायतें चर्चा में आईं और उसके बाद मामला अंकुर विहार थाने में दर्ज रिपोर्ट तक पहुंच गया। अब पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनाओं की कड़ी एक-दूसरे से जुड़ी हुई नजर आ रही है। लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर पहले रिश्वत और कमीशन की चर्चा, फिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें और उसके बाद अचानक रिपोर्ट दर्ज होने के पीछे क्या कारण है?
कुछ तो गड़बड़ है इस कार्य में,की चर्चा तेज
क्षेत्र में चर्चा है कि नाला निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग भी की थी। आरोप लगाए गए कि नाले का लेवल सही नहीं बनाया गया और मानकों की अनदेखी कर निर्माण कराया जा रहा है।
इसी बीच खुद को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) का ठेकेदार बताने वाले व्यक्ति द्वारा वर्तमान सभासद और अन्य लोगों के खिलाफ अंकुर विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया।
अब क्षेत्र में यह सवाल भी उठने लगा है कि कहीं शिकायत करने वालों को दबाने या विवाद को दूसरी दिशा देने की कोशिश तो नहीं की जा रही। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जीडीए कार्यालय में हुई बातचीत, मामला पहुंचा अंकुर बिहार थाने
सूत्रों के अनुसार विवाद की शुरुआत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय में हुई बातचीत से जुड़ी बताई जा रही है, जबकि मुकदमा अंकुर विहार थाने में दर्ज कराया गया। यही कारण है कि पूरे घटनाक्रम को लेकर लोगों के बीच “कुछ तो झोल है” जैसी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरी तरह पारदर्शी और मानकों के अनुरूप हो रहा था तो फिर मामला शिकायतों, विवादों और पुलिस रिपोर्ट तक क्यों पहुंचा।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नाला निर्माण कार्य में वास्तव में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ या फिर शिकायतकर्ताओं को कानूनी विवाद में उलझाने की कोशिश की गई। लेकिन इतना जरूर है कि यह मामला अब अंकुर विहार क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि यह साफ हो सके कि निर्माण कार्य में अनियमितता हुई या फिर विवाद के पीछे कोई और कहानी छिपी है।
पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। अब सभी की नजर इस कार्य पर टिकी हुई है,जिसकी जांच के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।





