
सुसाइड नोट में खोला काला राज
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली : जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में वार्ड बॉय प्रदीप कुमार की मौत ने सूदखोरी के खौफनाक जाल को बेनकाब कर दिया है। शुक्रवार शाम फंदे से लटका मिला प्रदीप का शव और उसके पास मिला सुसाइड नोट चीख-चीखकर बता रहा है कि कैसे 30 लाख का कर्ज एक परिवार को निगल गया। मौत से पहले प्रदीप ने बानखाना निवासी सुधीर कुमार उर्फ ‘चूचू’ को खुदकुशी का जिम्मेदार ठहराया है। बेटी मानसी शर्मा की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी घर छोड़कर फरार है।
10 साल से हर महीने जाती रही सैलरी
बेटी मानसी ने पुलिस को बताया कि पिता ने करीब 10 साल पहले सुधीर उर्फ चूचू से 30 लाख रुपये लिए थे। तब से हर महीने प्रदीप की सैलरी का बड़ा हिस्सा सूद में चला जाता था। बैंक स्टेटमेंट में रकम ट्रांसफर का पूरा रिकॉर्ड है।
परिवार का दावा है कि प्रदीप मूल रकम से करीब 2 लाख रुपये ज्यादा चुका चुका था, फिर भी सूदखोर का दबाव और धमकियां खत्म नहीं हुईं। घर की हालत बिगड़ती गई। पत्नी को शक होने लगा कि प्रदीप का किसी और से संबंध है, क्योंकि हर महीने मोटी रकम गायब हो जाती थी।
सुसाइड नोट में लिखा- “अब कुछ नहीं सूझ रहा” सुसाइड नोट में प्रदीप ने लिखा, “सुधीर जैसे लोगों की वजह से मेरे जैसे पचासों लोग आत्महत्या करते होंगे। पूरी रकम चुकाने के बाद भी मानसिक उत्पीड़न करता रहा। अब आत्महत्या के अलावा कुछ नहीं सूझ रहा।” प्रदीप ने पत्नी-बच्चों को भी पूरी सच्चाई नहीं बताई थी।
पुलिस ने दर्ज किया केस, दबिश जारी
कोतवाल धनंजय पांडेय ने बताया कि मानसी शर्मा की तहरीर पर सुधीर कुमार उर्फ चूचू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार रात आरोपी के घर और ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह फरार मिला। सुसाइड नोट और बैंक रिकॉर्ड जांच में शामिल कर लिए गए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
शहर में गरमाया सूदखोरी का मुद्दा
प्रदीप की मौत के बाद बरेली में अवैध सूदखोरी का मुद्दा फिर गरमा गया है। लोगों का कहना है कि ऊंचे ब्याज पर पैसा देकर जरूरतमंदों को फंसाने वाले सूदखोर कई परिवार बर्बाद कर चुके हैं। शिकायतें डर के कारण सामने नहीं आतीं।




