बरेली
एसएसपी अनुराग आर्य ने शराब माफियाओं पर कसा शिकंजा
मनोज जायसवाल समेत 5 तस्कर घोषित, आर्थिक साम्राज्य पर भी चल सकता है बुलडोजर

100 करोड़ के टपरी डिस्टलरी कांड से जुड़े तार, SSP अनुराग आर्य बोले ‘अब आर्थिक कमर तोड़ेंगे’
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली : शराब माफियाओं के खिलाफ बरेली पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने मंगलवार 9 जून को शराब तस्करी में लिप्त 5 बड़े अपराधियों को माफिया घोषित कर दिया। जिसमें मनोज कुमार जायसवाल, अशोक दीक्षित, अजय जायसवाल, अरुण कुमार पाण्डेय और संजय कुमार को माफिया की श्रेणी में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि इनके समाज में सक्रिय रहने से कानून व्यवस्था को गंभीर खतरा था।
टपरी डिस्टलरी कांड से जुड़े तार, 100 करोड़ का घोटाला
शराब माफियाओं के खिलाफ जंग* की शुरुआत मार्च 2021 में हुई थी। UP STF और प्रवर्तन निदेशालय ने सहारनपुर के चर्चित टपरी डिस्टलरी कांड का खुलासा किया था। जांच में मनोज जायसवाल समेत कई माफियाओं की भूमिका सामने आई। इस सिंडिकेट ने सरकारी खजाने को करीब 100 करोड़ का चूना लगाया था। ED ने करोड़ों की चल अचल संपत्ति कुर्क कर दी थी।
BDA ने चलाया बुलडोजर, 46 करोड़ की संपत्ति कुर्क
20 जनवरी को बरेली विकास प्राधिकरण ने बारादरी के हरूनगला में मनोज जायसवाल की 6000 वर्गमीटर में बनी अवैध कॉलोनी को जमींदोज कर दिया था। अप्रैल में जिलाधिकारी अविनाश सिंह के आदेश पर पुलिस और राजस्व टीम ने बारादरी और इज्जतनगर में कीमती जमीन और मकान कुर्क किए। पीलीभीत बाईपास पर 46 करोड़ से अधिक का व्यावसायिक भूखंड और हरूनगला की कृषि भूमि व आवासीय प्लॉट कब्जे में लिए गए। ढोल नगाड़ों के साथ मुनादी कराकर कुर्की की गई थी। 30 मई को बरेली पुलिस ने मनोज जायसवाल समेत 18 शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी। मनोज जायसवाल पर बरेली, लखनऊ और सहारनपुर में धोखाधड़ी व गैंगस्टर एक्ट समेत 6 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। अब इन हिस्ट्रीशीटरों को नियमित थाने में हाजिरी देनी होगी। पुलिस दैनिक कार्यों और संपत्तियों के हस्तांतरण पर नजर रखेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि 2021 से अब तक पुलिस, STF और ED ने शराब माफियाओं के सिंडिकेट को तोड़ने में अभूतपूर्व सफलता पाई है। हमारा लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि आर्थिक कमर तोड़ना है ताकि ये फिर से संगठित न हो सकें।



