बेतुल

बैतूल सतपुड़ा वैली स्कूल कैम्ब्रिज विंग ने मनाया स्थापना का 10वां वर्ष

आदिवासी अंचलों में पहुंचकर बांटी अध्ययन सामग्री, किया पौधारोपण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बैतूल। सतपुड़ा वैली स्कूल के कैम्ब्रिज विंग ने स्थापना के दस वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षा, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति को केंद्र में रखकर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आदिवासी ग्राम डूडा बोरगांव पहुंचकर बच्चों के साथ समय बिताया, उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित किया, अध्ययन सामग्री वितरित की तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया।
स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में विद्यालय के विद्यार्थियों ने आदिवासी ग्राम डूंडा बोरगांव का भ्रमण किया। यहां उन्होंने छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों ने बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य अध्ययन सामग्री वितरित कर उनके शैक्षणिक विकास में सहयोग का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल अरविंद सिंह राजपूत एवं दीवा डागा ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अनेक पौधे लगाए और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
समारोह के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में ईवाई के नन्हे विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत एवं अन्य आकर्षक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों की उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों ने जमकर सराहना की।
विद्यालय की डायरेक्टर दीपाली निलय डागा ने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सतपुड़ा वैली स्कूल में कैम्ब्रिज विंग की स्थापना का उद्देश्य बैतूल जिले के बच्चों को स्थानीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने विद्यालय की आधुनिक शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों, रचनात्मक सोच और वैश्विक दृष्टिकोण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यालय का लक्ष्य प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों द्वारा शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
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