शेरवा में आपसी विवाद और अफसरों की उदासीनता के कारण सामुदायिक भवन का काम ठप।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली l प्रशासनिक उदासीनता और जमीनी विवाद के चलते चितरंगी विकासखंड के ग्राम शेरवा में बन रहा सामुदायिक भवन अधर में लटक गया है।
स्थिति यह है कि भवन का निर्माण कार्य महीनों से ठप पड़ा है और वहां रखी लाखों रुपये की निर्माण सामग्री (सीमेंट, गिट्टी, बालू और लोहा) इस चालू बरसात के मौसम में खुले में सड़ रही है।
ग्रामीणों द्वारा कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
जमीन विवाद के कारण रुका काम:-
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, शेरवा में ग्रामीणों की सुविधा के लिए शासकीय सामुदायिक भवन की स्वीकृति मिली थी।
निर्माण कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन कुछ समय बाद ही जमीन को लेकर कोई स्थानीय विवाद खड़ा हो गया।
विवाद सामने आने के बाद निर्माण एजेंसी और पंचायत प्रशासन ने काम को बीच में ही रोक दिया।खुले में बर्बाद हो रही लाखों की सामग्रीकाम रुकने के बाद ठेकेदार या पंचायत द्वारा निर्माण सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखने की जहमत नहीं उठाई गई।
वर्तमान में हो रही लगातार बारिश के कारण कीमती सीमेंट पत्थर बन चुका है, जबकि लोहा जंग खाकर बर्बाद हो रहा है। यह सीधे तौर पर सरकारी राशि और जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल ?
पंचायत सरपंच का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर जनपद पंचायत चितरंगी के अधिकारियों से लेकर तहसील प्रशासन तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है
ग्रामीणों की मांग थी कि या तो जमीन का विवाद जल्द सुलझाया जाए या फिर कीमती सामग्री को खराब होने से बचाया जाए।
इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर देखना भी मुनासिब नहीं समझा।
अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद क्या जिला प्रशासन शेरवा के इस अधूरे भवन और बर्बाद होती सामग्री पर कोई संज्ञान लेता है या लापरवाही का यह दौर यूं ही जारी रहेगा।




