खेत से सड़क तक फैला बुध बाजार, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह खेल?
हजारों की भीड़... लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, जिम्मेदारी लेने को कौन तैयार?
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
शामली। कांधला नगर में प्रत्येक बुधवार को लगने वाला बुध बाजार अब केवल एक साप्ताहिक बाजार नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर उठते सवालों का केंद्र बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बाजार निजी खेतों से शुरू होकर मुख्य सड़क तक फैल जाता है। हर बुधवार हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बाजार लगते ही मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन जाती है। राहगीरों, मरीजों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी कारण आग लग जाए, भगदड़ मच जाए या कोई अन्य बड़ा हादसा हो जाए तो क्या एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन समय पर घटनास्थल तक पहुंच पाएंगे?
लोगों का यह भी कहना है कि इतने बड़े स्तर पर संचालित होने वाले बाजार में महिला सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और आपातकालीन चिकित्सा जैसी व्यवस्थाएं स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जवाबदेही किसकी होगी, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
इसी के साथ स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय है कि खेत से मुख्य सड़क तक फैलने वाले इस बाजार के संचालन के लिए क्या सभी आवश्यक विभागीय अनुमतियां और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस विषय में स्थिति स्पष्ट करे और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
समाचार के संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कैराना का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जनता के सवाल
- खेत से सड़क तक बाजार लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई?
- क्या सभी संबंधित विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हैं?
- अग्निशमन, महिला सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा की क्या व्यवस्था है?
- हर बुधवार लगने वाले जाम का समाधान कब होगा?
- किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी?