
बाराबंकी । मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध शिवधाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धार्मिक परिसर के विकास कार्य की आधारशिला रखी। इसके साथ ही सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जनसभा, विकास योजनाओं की घोषणा और संगठनात्मक बैठक भी शामिल रही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी के रामनगर स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर की आधारशिला रखी और दरियाबाद में आयोजित जनसभा में करीब 550 करोड़ रुपये की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग प्रदेश की विरासत के विरोधी हैं, वही विकास के भी सबसे बड़े विरोधी हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति हमेशा उदासीन रही है। सपा शासन में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती थी और आज भी लोग उस दौर को भूले नहीं हैं। “देख सपाई, बिटिया घबराई”, यह सिर्फ नारा नहीं बल्कि पिछली सरकारों की कार्यशैली का प्रतिबिंब है।
कांग्रेस लूट करती है, सपा डकैती डालती है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस लूट करने वाली और समाजवादी पार्टी डकैती डालने वाली पार्टी है। इनसे सतर्क रहेंगे तो हमेशा फायदे में रहेंगे। देश 1947 में आजाद हो गया था, लेकिन महादेव धाम तक आजादी की रोशनी नहीं पहुंच सकी। वर्षों तक यहां के विकास की किसी ने सुध नहीं ली। समाजवादी पार्टी की सरकारें कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में व्यस्त रहीं, लेकिन उन्हें लोधेश्वर महादेव धाम के विकास की चिंता नहीं हुई।
बाराबंकी के महान हॉकी खिलाड़ी के.डी. सिंह ‘बाबू’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश को ओलंपिक में गौरव दिलाया, लेकिन उनकी हवेली तक बिकने की नौबत आ गई। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन में तमंचे और कट्टे बनते थे, जबकि आज उत्तर प्रदेश में लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। यह प्रदेश की बदलती तस्वीर और बेहतर कानून-व्यवस्था का परिणाम है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इसका शिलान्यास तो कर दिया था, लेकिन परियोजना की अनुमानित लागत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक रखी गई थी। उनकी सरकार ने प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियों की दोबारा समीक्षा कराई, जिसके बाद करीब 11,500 करोड़ रुपये में ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा कराया गया। उन्होंने कहा कि इससे हजारों करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि की बचत हुई और गुणवत्तापूर्ण एक्सप्रेसवे प्रदेश को मिला।
अपने संबोधन में उन्होंने बाराबंकी की भौगोलिक और धार्मिक महत्ता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिले के एक ओर राजधानी लखनऊ और दूसरी ओर धर्मनगरी अयोध्या है, इसलिए यहां के लोगों के दोनों हाथों में लड्डू हैं। उन्होंने कहा कि लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर बनने से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय रोजगार व अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। हेलीपैड से लेकर मंदिर और जनसभा स्थल तक बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक भी की।



