बागपत
ओम कुमार तोमर को मिली मेरठ मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी
किसान-मजदूरों की आवाज बुलंद करने का संकल्प

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। भारतीय किसान यूनियन क्रांति ने संगठनात्मक विस्तार और किसान-मजदूरों की समस्याओं को मजबूती से उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने आज अपने आवास पर ओम कुमार तोमर को मेरठ मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।
नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष ओम कुमार तोमर को जिम्मेदारी सौंपते हुए संगठन नेतृत्व ने उम्मीद जताई कि वह पूरी ईमानदारी, निष्ठा और मेहनत के साथ संगठन को मजबूत करने का कार्य करेंगे। साथ ही मेरठ मंडल सहित प्रदेशभर में किसानों और मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती प्रदान करेंगे।
किसान-मजदूरों के शोषण के खिलाफ संगठन की आवाज होगी बुलंद
भारतीय किसान यूनियन क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान या मजदूर का शोषण संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। किसान और मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके साथ होने वाली ज्यादती, उत्पीड़न या अधिकारों के हनन के मामलों में संगठन मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल पद और विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचकर किसानों और मजदूरों की वास्तविक समस्याओं को समझना तथा संबंधित अधिकारियों और शासन-प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाना है।
जिम्मेदारी मिलने पर ओम कुमार तोमर ने जताया आभार
मेरठ मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर ओम कुमार तोमर ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। किसान और मजदूरों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा तथा संगठन को मेरठ मंडल में गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान की खुशहाली और मजदूर के सम्मान के बिना मजबूत समाज और मजबूत देश की कल्पना अधूरी है। संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर किसानों और मजदूरों के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
ओम कुमार तोमर की नियुक्ति पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में मेरठ मंडल में भारतीय किसान यूनियन क्रांति का संगठनात्मक आधार और मजबूत होगा तथा किसानों-मजदूरों की समस्याओं को प्रभावी मंच मिलेगा।



