गाजियाबाद
महिलाओं की फरियाद सुनने के बजाय दरोगा जी करने लगे ‘भविष्यवाणी’
महिला सुरक्षा अभियान पर लोनी में उठे सवाल
गुमशुदगी की शिकायत लेकर डीएलएफ चौकी पहुंचीं महिलाओं से कथित तौर पर छींटाकशी का आरोप, कार्रवाई के बजाय फिल्मी दुनिया में जाने की भविष्यवाणी करने का दावा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : अंकुर विहार थाना क्षेत्र की डीएलएफ चौकी में 20 अगस्त को गुमशुदगी की शिकायत लेकर पहुंचीं महिलाओं के साथ कथित तौर पर उपनिरीक्षक द्वारा किए गए व्यवहार ने महिला सुरक्षा और पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक सतेन्द्र कुमार गौतम ने महिलाओं की शिकायत सुनकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के बजाय एक महिला पर कथित रूप से छींटाकशी और व्यंग्य करना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, अंकुर विहार के बी-ब्लॉक निवासी अंजलि अपनी ननदों के साथ अपनी देवरानी सुनीता पत्नी अरविंद की गुमशुदगी की सूचना देने डीएलएफ चौकी पहुंची थीं। बताया गया कि आपसी कहासुनी के बाद सुनीता घर से चली गई थी। परिजनों का उद्देश्य उसकी तलाश और आवश्यक पुलिस कार्रवाई कराना था।
आरोप है कि चौकी में मौजूद उपनिरीक्षक ने शिकायत सुनने और कार्रवाई करने के बजाय एक महिला से कथित तौर पर कहा कि वह भविष्यवाणी कर सकते हैं कि वह निश्चित रूप से मुंबई जाएगी और वहां बॉलीवुड की हीरोइनों का मेकअप करेगी। पुलिस चौकी में इस तरह की टिप्पणी सुनकर महिलाएं कथित तौर पर असहज हो गईं।
सवाल यह है कि शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंची महिलाओं को कानूनी मदद और सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए या फिर ऐसी टिप्पणियों का सामना करना पड़ेगा? यदि लगाए गए आरोप सही हैं तो यह केवल एक उपनिरीक्षक के व्यवहार का मामला नहीं, बल्कि महिला फरियादियों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
एक ओर सरकार और पुलिस विभाग महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, महिला हेल्प डेस्क तथा मिशन शक्ति जैसे अभियानों के माध्यम से सुरक्षा और सम्मान का भरोसा दिला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस चौकी में ही महिला फरियादियों के साथ कथित तौर पर इस प्रकार का व्यवहार सामने आना इन अभियानों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करता है।
अब देखना यह है कि गाजियाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले का संज्ञान लेते हैं या नहीं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित उपनिरीक्षक के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि गुमशुदगी की शिकायत पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की और संबंधित महिला की तलाश के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए।
महिलाएं न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर पुलिस चौकी पहुंचती हैं। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी फरियाद सुनना और कानून के मुताबिक कार्रवाई करना है, न कि फरियादियों को असहज करने वाली कथित टिप्पणियां करना।


