बालाघाट

1501 वॉ, जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर्व शानो शौकत के साथ निकाला जाएगा जुलूस ए मोहम्मदी

जगह-जगह विभिन्न कार्यक्रमों के होंगे आयोजन  नगर में पर्व विशेष को लेकर कार्यक्रमों का दौर जारी मुस्लिम बंधुओं ने मिलादुन्नबी पर्व पर की आकर्षक सजावट

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) :  पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश पर मनाया जाने वाला पर्व, जश्ने ईद मिलादुन्नबी बुधवार को जिला मुख्यालय सहित देश व पूरी दुनिया हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।जहां दिन भर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन होंगे। मुस्लिम धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व को लेकर नगर में तमाम तरह की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।आखरी पैगंबर मोहम्मद साहब की 1501 वी, यौमे पैदाईश पर मनाए जाने वाले इस पर्व पर हर साल की तरह इस साल भी नगर में जुलूस ए मोहम्मदी पूरी शानो शौकत के साथ निकाला जाएगा।जहां नगर की तमाम मस्जिदों, मदरसों सहित अन्य इबादतगाहो को दुल्हन की तरह सजाया गया है इसके अलावा मुस्लिम बाहुल्य इलाकों के विभिन्न चौक चौराहों और मार्गों में विशेष लाइटिंग लगाकर आकर्षक रोशनी लगाई गई है।वही जगह-जगह आकर्षक पंडाल, इस्लामी बैनर, पोस्टर और हरे रंग के झंडे व तोरन से इलाकों को सजाया गया है। इसके अलावा घर-घर झंडे, मरकरी, तोरन, रंग बिरंगी लाइटिंग लगाकर पैगंबर साहब की यौमें पैदाइश का जश्न मनाया जा रहा है।वही नगर के तमाम मस्जिदों मदरसों, गली मोहल्लो सहित घरों, विभिन्न चौक चौराहों पर नात ख्वानी, कुरान ख्वानी, यौमे पैदाइश का वाकया, तकरीर आदि कार्यक्रमों का दौर जारी है।तो वही जगह-जगह ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन शुरू कर दिए गए है।जो नगर में रोजाना ही देखे जा रहे है।
परचम कुशाई के साथ जुलूस ए मोहम्मदी का होगा आगाज
हर साल की तरह इस साल भी नगर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व धार्मिक विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जहां जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार सुबह 10 बजे जामा मस्जिद चौक में पेश इमाम द्वारा परचम कुशाई( झंडा फहराया) की जाएगी। जहां सलातो सलाम के फौरन बाद जुलूस ए मोहम्मदी शहर के गस्त के लिए रवाना होगा। जो जामा मस्जिद से अंजुमन शादी हाल, चांदनी चौक बैहर रोड मार्ग से शास्त्री चौक होते हुए मरारी मोहल्ला से देवी तलाब रोड वहां से महाराणा प्रताप चौक से मेन रोड होते हुए नावेल्टी चौक, महावीर चौक, हक्कू शाह बाबा दरगाह के सामने से काली पुतली चौक वहां से जिला जेल होते हुए जयस्तंभ चौक, बूढ़ी चौक से अस्पताल होते हुए रानी अवंती बाई चौक पहुँचेगा, जहा 10 मिनट की तकरीर(सभा) होगी।वहां से जुलूस वापस बैहर रोड मटन मार्केट चौक से रज़ा चौक से डॉ.खान गली से गुजरी होते हुए पुलिस क्वाटर के सामने से वापस जामा मस्जिद आएगा।जहां सलातो सलाम का नजराना पेश कर ,देश में अमन, चैन ,शांति और आपसी भाईचारे की दुआएं कर जुलूस ए मोहम्मदी का समापन होगा।वही बैहर रोड़ स्थित अंजुमन शादी हाल में शाम को लंगरे आम का आयोजन किया गया है।तो वहीं पूरे दिन भर विशेष नमाज, घर घर फातिहा ख्वानी, लंगर सहित विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे।बताया गया है की जुलूस ए मोहम्मदी में अंजुमन इस्लामिया कमेटी द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधित लगाएं गए हैं जिसमें डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है तो वही आतिशबाजी, नाचने , हुडदंग मचाने सहित गैर शरीयत कामो पर भी पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई गई है।
मुस्लिमों का सबसे बड़ा पर्व है ईद मिलानदुन्नबी
आपको बताएं कि 571 ईसवी को शहर मक्का में पैगंबर साहब हजरत मुहम्मद सल्ल. का जन्म हुआ था।इन्ही की याद में ईद मिलादुन्नबी का पर्व मनाया जाता है।हजरत मुहम्मद सल्ल. ने ही इस्लाम धर्म को पूरी दुनिया मे फैलाकर एक अल्लाह का संदेश दिया है।बताया गया कि आप हजरत सल्ल. इस्लाम के आखिरी नबी हैं, आपके बाद अब ता-कायामत तक कोई नबी नहीं आने आने वाला है। हुजूर की यौमे पैदाइश पर केवल जिला प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा जश्न मनाया जाता है और धूमधाम से विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जाते है। यह पर्व मुस्लिम समाज में सबसे बड़ा पर्व माना जाता है क्योंकि इसी माह में उर्दू की 12 तारीख को हुजूर शहरे मक्का में तशरीफ लाए थे।जिनके ऊपर पवित्र कुरान नाजिल हुआ था जिसका अनुसरण आज पूरी दुनिया कर रही है।
मस्जिदों सहित घरों और मोहल्लों में की गई विशेष सजावट
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रतिवर्ष मुस्लिम समाज द्वारा घर मोहल्लों और शहर के प्रमुख चौक चौराहों व मार्गो की विशेष सजावट के साथ ही विभिन्न आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया जाता है।वही मस्जिदों में भी विशेष सजावट के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जाते हैं।इस पर्व को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों में खुशी की लहर है और उन्होंने इस पर्व को धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार मनाने का फैसला लिया है।पूर्व में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का चांद नजर आते ही बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया और लोग इस जश्न की तैयारी में जुटे हुए नजर आए। जिसके तहत मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में घरों की साफ-सफाई व रंग रोगन कर आकर्षक रंग बिरंगी लाइटिंग लगाई गई है।वही पर्व विशेष पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
कमेटी ने विशेष पाबंदियों के साथ, दिए आवश्यक दिशानिर्देश
पिछले दिनों शहर काजी मौलाना अब्दुल हबीब नूरी की सदारत में आयोजित हुई एक बैठक में,जश्ने ईद मिलादुन्नबी को लेकर कुछ पाबंदियों के साथ कमेटी ने समाज के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है।जिंसमे 10 बजे परंचम कुसाई के फौरन बाद जुलुस निकालने, झंडे सिर्फ हरे रंग के बिना प्रिंट के लेकर चलने, उसकी हुरमत का ख्याल रखने,दूसरे मूल्कों के झंडे पर पाबंदी, तबर्रुक तकसीम जुलुस का अदब व एहेतराम के साथ करने, बेअदबी न होने देने,रात की सजावट – देखने ख्वातिनो के घूमने पर रोक लगाने, चौको पर डी. जे. की मनाही, व पूरे जुलुस मे डी. जे. पर बैन, झंडे लेकर बाइक से नारे ना लगाना, केक काटने व फटाको फोड़कर आतिशबाजी करने पर रोक रहेगी।वही चौक चौराहो पर सजावट से यातायात बाधित ना करने, फिजुल खर्ची पर रोक लगाने, पुरे जुलुस के दौरान सिर्फ एक जगह रानी अंवती बाई चौक पर 10 मिनट की तकरीर करने,और सभी मस्जिदो के सदर हजरात, अपनी कमेटी के साथ मुअज्जन सा. के साथ अपने-अपने मोहल्ले के जुलुस के साथ रहने के निर्देश जारी किए गए है।
अकीदतो के साथ मनाए पर्व- मो फारुख शेख
पर्व विशेष को लेकर अंजुमन इस्लामिया कमेटी सदर मो फारुख शेख ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व पूर्ण अक़ीदतो के साथ मनाया जाएगा। जिसकी तमाम तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।उन्होंने आयोजित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए नगर में निकाले जाने वाले जुलूस ए मोहम्मदी में डीजे बजाने ,नाचने गाने, व हुड़दंग मचाने की मनाई की है।जिन्होंने अमनो अमान के साथ जुलूस ए मोहम्मदी में शरीक होकर हकीकतों के साथ पर्व मनाने की गुजारिश की है।
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