नल से पानी नहीं, निकली जिंदा मछली! नल-जल योजना की हकीकत ने खड़े किए गंभीर सवाल
बनौली में घर के नल से निकली मछली, पेयजल व्यवस्था पर सवाल; करोड़ों की योजना के बावजूद स्वच्छ पानी का दावा कटघरे में

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। सरकार हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के दावे करती है। नल-जल और जल प्रदाय योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सिंगरौली में सामने आया एक मामला इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। घर के नल से पानी के साथ जिंदा मछली निकलने का दावा सामने आया है। घटना ने न केवल जलापूर्ति व्यवस्था, बल्कि पानी की टंकी और पाइपलाइन के रखरखाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 21, बनौली का बताया जा रहा है। यहां सुरेंद्र शाह के घर नल-जल योजना की पाइपलाइन से पानी की सप्लाई हो रही थी। इसी दौरान पानी के साथ जिंदा मछली निकलने की बात सामने आई। मामले के सामने आने के बाद लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि जिस पानी को घरों तक पहुंचाकर पीने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, उसकी निगरानी और स्वच्छता व्यवस्था आखिर कितनी गंभीरता से की जा रही है।
टंकी से लेकर पाइपलाइन तक उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिंदा मछली पाइपलाइन के पानी तक पहुंची कैसे? यदि जलापूर्ति से पहले पानी की टंकी की नियमित सफाई और जांच होती है, तो ऐसी स्थिति कैसे बनी? इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि संबंधित पानी की टंकी की सफाई आखिरी बार कब हुई थी और पाइपलाइन में किसी तरह की टूट-फूट या खुला हिस्सा तो नहीं है। क्या जलापूर्ति से पहले पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है? यदि जांच होती है तो उसकी रिपोर्ट क्या कहती है?
एक मछली ने खोल दी व्यवस्था की पोल?
यह घटना भले ही एक घर से जुड़ी हो, लेकिन सवाल इससे कहीं बड़ा है। पानी लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय है। यदि सप्लाई लाइन में किसी तरह की गंदगी, जीव-जंतु या अन्य बाहरी सामग्री पहुंच रही है, तो इससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी पैदा हो सकता है। ऐसे में केवल घटना को सामान्य मानकर छोड़ देने के बजाय संबंधित विभाग को इसकी तकनीकी और वैज्ञानिक जांच करानी चाहिए। पानी का सैंपल लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में जांच, संबंधित टंकी का निरीक्षण और पाइपलाइन की स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए।
अब जिम्मेदारों से जवाब की उम्मीद
स्थानीय लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके घरों तक पहुंच रहा पानी वास्तव में कितना सुरक्षित है। नगर निगम और संबंधित जल प्रदाय विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि बनौली में सामने आई घटना की जांच कब होगी और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।



