मथुरा

मथुरा में अवैध कोचिंग और विद्यालयों पर कब होगी कार्रवाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। जनपद में शासन के निर्देशों के बावजूद अवैध रूप से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों पर कार्रवाई करने का इंतजार बढ़ता जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अवैध कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों को चिन्हित करने, उनकी सूची तैयार करने और उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के मथुरा सहित प्रदेश के सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को अप्रैल माह में निर्देश दिए थे। उसके बाद भी जनपद में अभी तक इनकी जांच के लिए टीम का गठन नहीं किया गया है। पुन: माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अवैध कोचिंग सेंटर व विद्यालयों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अपर सचिव प्रशासन सत्येंद्र कुमार सिंह ओर से प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर जनपद में संचालित अवैध कोचिंग सेंटरों एवं विद्यालयों की जानकारी जुटाने तथा उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बतादें कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से भी अप्रैल माह में इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों का उद्देश्य जनपदों में नियमों और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे शैक्षणिक संस्थानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना था। लेकिन चार माह बाद दोबारा रिपोर्ट मांगे जाने से यह सवाल उठ रहा है कि पूर्व में जारी निर्देशों पर जिलास्तर पर कितनी गंभीरता से अमल किया गया। शासन स्तर पर लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के बाद एक बार फिर जिलेवार स्थिति की जानकारी मांगे जाने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह के स्तर से अभी तक अवैध कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों की जांच के लिए कोई प्रभावी टीम गठित नहीं की गई है। यदि जांच के लिए टीम ही गठित नहीं हुई तो जिले में कितने कोचिंग सेंटर और विद्यालय नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं तथा कितने बिना आवश्यक अनुमति या मान्यता के चल रहे हैं, इसका वास्तविक आंकड़ा सामने आना मुश्किल है। विभागीय जांच के अभाव में ऐसे संस्थानों के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में विभागीय स्तर पर संस्थानों की जांच और प्रमाणिक जानकारी सार्वजनिक करना भी जरूरी हो जाता है।जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया है कि अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों का सर्वे करायें और उनके विरूद्ध कार्रवाई करके उनके कार्यालय रिपोर्ट दें। जो भी अवैध रूप से कोचिंग सेंटर चल रहा है उसके विरूद्ध कार्रवाई होगी।
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